तस्वीर में खेरवाड़ा में आयोजित पटेल समाज की महापंचायत के दौरान बैठक में बैठे और चर्चा करते हुए लोग नजर आ रहे हैं।

खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियों के बीच पटेल समाज (खड़क चोखला) की महत्वपूर्ण और निर्णयकारी महापंचायत आयोजित हुई। बैठक में 42 गांवों से समाज के प्रबुद्धजन और प्रतिनिधि शामिल हुए। समाज की राजनीतिक उपेक्षा को लेकर गहरी चिंता जताते हुए आगामी चुनावों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में पटेल समाज दूसरा सबसे बड़ा जनसांख्यिकीय आधार रखता है। इसके बावजूद लंबे समय से विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से समाज के प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज किया जाता रहा है। इसे लेकर बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।

प्रस्ताव के अनुसार, जो भी मुख्य राजनीतिक दल चुनाव में पटेल समाज के व्यक्ति को टिकट देकर उम्मीदवार बनाएगा, 42 गांवों का पूरा समाज एकजुट होकर पूरी ताकत के साथ उसी दल के समर्थन में मतदान करेगा। वहीं, किसी भी राजनीतिक पार्टी की ओर से समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने पर पटेल समाज अपना स्वयं का स्वतंत्र निर्दलीय प्रतिनिधि चुनाव मैदान में उतारेगा। समाज ने ऐसे प्रत्याशी को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंकने की चेतावनी भी दी।

बैठक समाज की एकजुटता और भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। इसकी अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष ने की। समाज के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए विभिन्न शाखाओं के अध्यक्षों और पूर्व पदाधिकारियों ने भी बैठक में उपस्थिति दर्ज कराई। शाखा एक, शाखा दो, शाखा तीन, शाखा चार और शाखा पांच के अध्यक्षों तथा पूर्व अध्यक्षों सहित 42 गांवों के बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्ध नागरिक बैठक में मौजूद रहे।

बैठक के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने हाथ उठाकर समाज हित में लिए गए फैसलों का पूर्ण समर्थन किया। साथ ही आगामी चुनाव तक संगठित रहने का संकल्प लिया। आगामी रणनीति तय करने के लिए 15 दिन बाद फिर बैठक आयोजित की जाएगी।

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