मुकुट सप्तमी पर जैन मंदिरों में गूंजा भक्तिभाव, भगवान पार्श्वनाथ को चढ़ाया निर्वाण लाडू
खेरवाड़ा में मुकुट सप्तमी पर जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हुई। भगवान पार्श्वनाथ को निर्वाण लाडू अर्पित कर श्रद्धालुओं ने धर्म आराधना की।
तस्वीर में जैन मंदिर के भीतर श्रद्धालु दीप जलाकर पूजा-अर्चना करते और धार्मिक सामग्री के साथ अनुष्ठान में शामिल दिखाई दे रहे हैं।
जैन धर्म के पवित्र पर्व मुकुट सप्तमी (मोक्ष सप्तमी) के अवसर पर बुधवार को कस्बे के विभिन्न जैन मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन हुए। श्रावण शुक्ल सप्तमी को भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक दिवस के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व पर श्रद्धालुओं ने उपवास एवं संयम का पालन करते हुए भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक एवं आराधना की।
तहसील रोड स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मुकुट सप्तमी का विशेष आयोजन किया गया। इसके साथ ही नेमीनाथ दिगंबर जैन मंदिर, महावीर कॉलोनी स्थित शांतिनाथ जिनालय तथा स्वस्तिक कॉलोनी स्थित आदिनाथ मंदिर में भी विशेष धार्मिक आयोजन हुए।
श्रद्धालुओं ने अष्टद्रव्य से पूजा-अर्चना कर भगवान के समक्ष निर्वाण कांड का पाठ किया तथा भक्तिभाव से निर्वाण लाडू अर्पित किया। दिनभर स्वाध्याय, सामायिक, प्रतिक्रमण एवं अन्य धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने धर्म आराधना की।
नेमीनाथ मंदिर में पंचामृत अभिषेक का पुण्यार्जन भरत कुमार चंपालाल, शांतिधारा का पुण्यार्जन हेवन फड़िया एवं निर्वाण लड्डू का पुण्यार्जन कन्हैया लाल शाह द्वारा प्राप्त किया गया।
मुकुट सप्तमी को जैन समाज में भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण की स्मृति से जुड़े महत्वपूर्ण पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु आत्मसंयम, तप, स्वाध्याय और धार्मिक साधना के माध्यम से मोक्ष मार्ग की भावना को आत्मसात करते हैं। पर्व के दौरान जैन मंदिरों में हुई विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियों ने श्रद्धालुओं की आस्था एवं धर्म आराधना को अभिव्यक्त किया।