खेरवाड़ा के शांतिनाथ जिनालय में कर्मदहन विधान के दौरान उपस्थित जैन श्रद्धालु।   

खेरवाड़ा में महावीर कॉलोनी स्थित 1008 श्री शांतिनाथ जिनालय में गुरुवार को रमिला देवी शाह धर्मपत्नी स्वर्गीय भंवरलाल शाह के जीवित महोत्सव के उपलक्ष्य में श्री कर्मदहन विधान का संगीतमय आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। पंकज कुमार शाह, नवीन कुमार शाह एवं स्वर्गीय राजेश शाह थाणा परिवार की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में सकल दिगंबर जैन समाज के सैकड़ों अनुयायियों ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 7 बजे जिनेंद्र भगवान के पंचामृत अभिषेक के साथ हुई। इसके बाद प्रातः 8 बजे मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्री कर्मदहन विधान संपन्न कराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जिनेंद्र भगवान की आराधना की, मंत्र जाप किया और अष्टद्रव्य से अर्घ्य समर्पित कर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।

विधानाचार्य विपुल कुमार शाह ने बताया कि दिगंबर जैन परंपरा के अनुसार कर्मदहन विधान में कुल 148 अर्घ्य और 10 पूर्णार्घ्य चढ़ाए गए। पूजन के विभिन्न चरणों में 148 कर्म प्रकृतियों के विनाश की भावना के साथ 148 अर्घ्य समर्पित किए गए। इसके बाद सिद्ध भगवान के आठ गुणों से संबंधित आठ अर्घ्य और एक पूर्णार्घ्य अथवा सिद्ध पूजा के अर्घ्य अर्पित किए गए।

शाह ने बताया कि दिगंबर जैन धर्म में कर्मदहन विधान का विशेष महत्व है। इस विधान का उद्देश्य आत्मा पर बंधे कर्मों की निर्जरा के माध्यम से आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की भावना को सुदृढ़ करना है। अनुष्ठान के दौरान सिद्ध परमेष्ठी के आठ गुणों का स्मरण कर आत्मकल्याण की कामना की गई।

धार्मिक अनुष्ठान के समापन पर स्वामी वात्सल्य का आयोजन हुआ, जिसमें समाजजनों ने सामूहिक रूप से भोजन प्रसादी ग्रहण की। इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था, आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। महावीर कॉलोनी स्थित श्री शांतिनाथ जिनालय में आयोजित इस विधान में सकल दिगंबर जैन समाज के सैकड़ों अनुयायियों की उपस्थिति रही। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

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