अयोध्या में 25-27 अक्टूबर तक ज्ञानमती माताजी का 75वां संयम दिवस और शरद पूर्णिमा महोत्सव
अयोध्या में 25 से 27 अक्टूबर 2026 तक श्री ज्ञानमती माताजी के 75वें संयम दिवस और 93वीं जन्म जयंती पर शरद पूर्णिमा महोत्सव होगा। राष्ट्रीय सम्मेलन, ज्ञानमती पुरस्कार समर्पण, कलशारोहण, सरस्वती आराधना और जैन विवाह ऐप के उद्घाटन सहित कई कार्यक्रम होंगे।
अयोध्या में 75वें संयम दिवस पर गणिनी प्रमुख आर्यिका शिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी.
अयोध्या में जैन धर्म की साध्वी गणिनी प्रमुख आर्यिका शिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी के 75वें संयम दिवस और 93वीं जन्म जयंती के अवसर पर 25 से 27 अक्टूबर 2026 तक तीन दिवसीय महोत्सव आयोजित किया जाएगा। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर होने वाले इस आयोजन में सर्वजातीय महासंघ का राष्ट्रीय सम्मेलन, ज्ञानमती पुरस्कार समर्पण समारोह, जिन मंदिर के शिखर पर कलशारोहण और सरस्वती ज्ञान आराधना सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
अयोध्या स्थित जैन तीर्थ क्षेत्र में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में परम पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ का सानिध्य रहेगा। प्रज्ञा श्रमणी आर्यिका रत्न श्री चंदनामती माताजी के मार्गदर्शन तथा अयोध्या तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष एवं पीठाधीश स्वस्ति श्री रवींद्र कीर्ति स्वामी जी के निर्देशन में कार्यक्रम संपन्न होंगे। अयोध्या को वर्तमान चौबीसी के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव सहित पांच तीर्थंकरों और मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जन्मभूमि के रूप में उल्लेखित करते हुए इसे शाश्वत तीर्थ बताया गया है।
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन, जयपुर ने बताया कि 25 अक्टूबर को अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन सर्वजातीय महासंघ का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके तीन सत्र होंगे। पहला सत्र सुबह 8:30 बजे, दूसरा दोपहर 2:00 बजे और तीसरा शाम 7:30 बजे शुरू होगा। सम्मेलन का आयोजन महासंघ के मुख्य संयोजक हसमुख गांधी, इंदौर और महामंत्री के निर्देशन में किया जाएगा।
26 अक्टूबर 2026, सोमवार को शरद पूर्णिमा के अवसर पर सुबह 6:00 बजे भगवान ऋषभदेव की बड़ी मूर्ति का मस्तकाभिषेक होगा। इसके बाद संजय रेखा दीवान, सूरत द्वारा सुबह ध्वजारोहण किया जाएगा। सुबह 7:30 बजे पुरस्कार समर्पण सभा और 9:00 से 10:00 बजे तक कलशारोहण का कार्यक्रम रखा गया है। दोपहर 1:00 बजे जन्म जयंती की मुख्य विनयांजलि सभा आयोजित होगी। इसके साथ ही 108 इंद्र-इंद्राणियों द्वारा सरस्वती ज्ञान आराधना की जाएगी। शाम को सामूहिक महाआरती होगी, जबकि रात 8:30 बजे प्रसिद्ध गीतकार रूपेश जैन का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
महोत्सव के तीसरे दिन 27 अक्टूबर को सुबह 6:00 से 7:00 बजे तक महा मस्तकाभिषेक होगा। इसके बाद सुबह 7:30 बजे रथयात्रा निकाली जाएगी।
दिगंबर जैन अयोध्या तीर्थ क्षेत्र कमेटी के महामंत्री अमरचंद सराफ, लखनऊ के अनुसार, समारोह में स्वस्ति श्री अरिहंत भट्टारक पट्टाचार्य महास्वामी जी, श्री क्षेत्र समवशरण तीर्थ, भरूच की विशेष उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुरादाबाद के कुलाधिपति सुरेश जैन करेंगे। गाजियाबाद के जम्बू प्रसाद जैन मुख्य अतिथि होंगे। हरिद्वार के जे.सी. जैन सारस्वत अतिथि तथा दिल्ली के गजराज जैन गंगवाल और स्वदेश भूषण जैन प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
अयोध्या क्षेत्र के मंत्री विजय कुमार जैन और जम्बूद्वीप के डॉ. जीवन प्रकाश जैन ने बताया कि गणिनी ज्ञानमती पुरस्कार समर्पण समारोह के अंतर्गत ज्ञानमती पुरस्कार, जम्बूद्वीप पुरस्कार, छोटेलाल पुरस्कार और रत्नमती पुरस्कार समर्पित किए जाएंगे। समारोह में मुख्य पाद प्रक्षालन अशोक शकुंतला देवी जैन, चांदवाड़, जयपुर परिवार द्वारा किया जाएगा। अर्चना जयचंद कासलीवाल परिवार की ओर से पीछी भेंट की जाएगी। मुख्य शास्त्र भेंट जयकुमार अशोक कुमार, टिकैतनगर द्वारा तथा कमंडल भेंट कैलाशचंद जैन सराफ परिवार, लखनऊ द्वारा किया जाएगा।
समारोह की समस्त मांगलिक क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन, जम्बूद्वीप और प्रतिष्ठाचार्य अकलंक जैन, डालीगंज, लखनऊ द्वारा संपन्न कराई जाएंगी। इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन, जम्बूद्वीप, हस्तिनापुर द्वारा निर्मित जैन जाति विवाह ऐप का भी उद्घाटन किया जाएगा। यह ऐप विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसका उद्घाटन 26 अक्टूबर को होगा।
आयोजकों के अनुसार, तीन दिवसीय समारोह में देश के विभिन्न प्रांतों से श्रेष्ठी, श्रावक-श्राविकाएं, विभिन्न संस्थाओं के शीर्ष राष्ट्रीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल होंगे। इस अवसर पर भोजन पुण्यार्जक के रूप में टिकैतनगर और डालीगंज, लखनऊ के अमरचंद, हेमचंद नेमीचंद जैन परिवार का सहयोग रहेगा। तीर्थ क्षेत्र की ओर से कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों, श्रेष्ठियों और श्रद्धालुओं के आवास एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है।