मोड़ (मेवाड़ा) कलाल समाज के महिला सम्मेलन में सामाजिक कुरीतियों पर बड़ा फैसला, 14 नियम तय
खेरवाड़ा में मोड़ (मेवाड़ा) कलाल समाज की देवल इकाई के महिला सम्मेलन में सामाजिक कुरीतियों, अनावश्यक खर्च और दिखावे पर रोक को लेकर चर्चा हुई। समाजबंधुओं ने 14 नियम सर्वसम्मति से लागू करने पर सहमति दी।
तस्वीर में खेरवाड़ा में आयोजित मोड़ (मेवाड़ा) कलाल समाज के महिला सम्मेलन में भाग लेने वाले महिला और पुरुष समाजबंधु नजर आ रहे हैं।
खेरवाड़ा में मोड़ (मेवाड़ा) कलाल समाज की देवल इकाई का महिला सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मेलन में सामाजिक कुरीतियों, अनावश्यक खर्च, दिखावे और सामाजिक आडंबर को समाप्त करने के साथ समाज में सादगी, संस्कार, अनुशासन और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में उपस्थित समाजबंधुओं और मातृशक्ति ने सर्वसम्मति से 14 महत्वपूर्ण नियम एवं निर्णय लागू करने पर सहमति व्यक्त की। तय नियमों के अनुसार अब समाज में सामाजिक गतिविधियां संपन्न होंगी।
सम्मेलन में सभी सामाजिक कार्यक्रमों में अनावश्यक खर्च पर रोक लगाते हुए सादगी अपनाने का निर्णय लिया गया। समाज के आर्थिक रूप से सक्षम लोगों से भी व्यर्थ खर्च और दिखावे पर पाबंदी रखने का आह्वान किया गया, ताकि समाज में अनावश्यक खर्च की प्रवृत्ति को रोका जा सके।
वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों और अनावश्यक खर्च को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक परिवार की सहभागिता जरूरी है। इन नियमों का उद्देश्य समाज में सादगी, संस्कार, अनुशासन, समानता और सामाजिक एकता को मजबूत करना है।
बैठक के अंत में उपस्थित मातृशक्ति, महिलाओं एवं पुरुष समाजबंधुओं की सक्रिय सहभागिता और महत्वपूर्ण सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया गया। समाजबंधुओं ने इन नियमों का पालन करने का संकल्प लेते हुए कहा कि संगठन की एकता से ही समाज का उत्थान संभव है।