खेरवाड़ा उपखंड में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर गरबा नृत्य करते श्रद्धालु.   

खेरवाड़ा। उपखंड क्षेत्र में शारदीय नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजन पूरे यौवन पर हैं। विभिन्न स्थानों पर सजे दुर्गा पंडालों में मां दुर्गा के जयकारे गूंज रहे हैं और रात होते ही गरबा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। क्षेत्रवासी भक्ति और उत्साह के साथ गरबा नृत्य में भाग ले रहे हैं। मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों और मां दुर्गा की आराधना के बीच पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है।

किला माता मंदिर के महंत भारत भूषण जोशी ने बताया कि शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मां कालरात्रि को दुष्टों का विनाश करने वाली तथा भक्तों के भय और संकट दूर करने वाली देवी माना जाता है। उनका स्वरूप अत्यंत प्रभावशाली है। उनका वर्ण घने अंधकार के समान काला है, बाल बिखरे हुए हैं और गले में विद्युत के समान चमकने वाली माला सुशोभित रहती है। मां कालरात्रि का वाहन गधा है।

वहीं, खड़कवा माता मंदिर बायडी के आचार्य प्रभा शंकर त्रिवेदी ने बताया कि मां कालरात्रि की चार भुजाएं हैं। उनके दाहिने हाथ अभय और वर मुद्रा में हैं, जबकि बाईं ओर के हाथों में लोहे का कांटा तथा खड्ग धारण किए हुए हैं। मां कालरात्रि को भय, संकट, नकारात्मक ऊर्जा और अज्ञानता का नाश करने वाली देवी माना जाता है। उनकी आराधना से भक्तों को साहस, शक्ति और निर्भयता प्राप्त होने की मान्यता है।

नवरात्रि के चलते खेरवाड़ा उपखंड क्षेत्र के मंदिरों और गरबा पंडालों में देर रात तक भक्ति, संगीत और उत्सव का माहौल बना हुआ है। मां दुर्गा के जयकारों के बीच श्रद्धालु गरबा नृत्य में शामिल होकर पर्व की धार्मिक परंपराओं और उत्सव का आनंद ले रहे हैं।

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