डिजिटल सुरक्षा का पाठ: खेरोदा स्कूल में बालिकाओं को साइबर अपराध और अधिकारों की दी जानकारी
खेरोदा के राजकीय भैरव विद्यालय में बालिकाओं को साइबर सुरक्षा, कानूनी अधिकार और सरकारी योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
राजकीय भैरव उच्च माध्यमिक विद्यालय खेरोदा में आयोजित कार्यक्रम में माइक पर संबोधित करते पुलिस उपनिरीक्षक हरिसिंह और मंच पर बैठे अधिकारी।
राजकीय भैरव उच्च माध्यमिक विद्यालय खेरोदा में महिला अधिकारिता विभाग की ओर से पुलिस विभाग और राजस्थान नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के सहयोग से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत डिजिटल साक्षरता एवं साइबर जागरूकता विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बालिकाओं को डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग, कानूनी अधिकारों और महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देकर जागरूक एवं सशक्त बनाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को इंटरनेट, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के साथ-साथ अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना था। इस दौरान उन्हें साइबर अपराधों से बचाव और सहायता प्राप्त करने के लिए उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भी दी गई।
भिंडर पुलिस थाना उपनिरीक्षक हरिसिंह जी ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान समय में इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और व्यक्तिगत जानकारी को गोपनीय रखने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बालिकाओं को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने और सतर्क रहने की सलाह दी। कार्यक्रम में साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930, आपातकालीन सेवाओं के 100 एवं 112, महिला हेल्पलाइन 181 तथा राजकॉप सिटीजन ऐप के उपयोग की जानकारी दी गई। बालिकाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की समस्या, उत्पीड़न या साइबर अपराध की स्थिति में बिना डर के इन सेवाओं का उपयोग कर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है।
महिला अधिकारिता विभाग की ब्लॉक पर्यवेक्षक मनिषा सैनी ने बालिकाओं से संवाद करते हुए शिक्षा, आत्मविश्वास और जागरूकता को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार की हिंसा, भेदभाव या अपराध के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में बालिकाओं को निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण, शिक्षा सेतु, काली बाई भील उड़ान योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। आरकेसीएल से शरद जी ने डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया आज जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है।
उन्होंने बालिकाओं को सलाह दी कि कभी भी अपना OTP, बैंक PIN, पासवर्ड या CVV किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और फर्जी कॉल या मैसेज के प्रति सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करने, निजी जानकारी, फोटो और लोकेशन सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करने, मजबूत पासवर्ड रखने तथा जहां संभव हो Two-Factor Authentication (2FA) का उपयोग करने की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित समस्त शिक्षकीय स्टाफ, ग्राम साथिने संजू सुथार और चंचल चौबीसा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की फोटो बुद्धि प्रकाश पाराशर खेरोदा द्वारा ली गई।