कानोड़ नगर पालिका चुनाव में नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ हो गई है। पालिका चुनाव में पांच निर्दलीय प्रत्याशियों ने नाम वापस लिया है। अब 20 वार्डों में 52 प्रत्याशी चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। इनमें 12 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं, जो 12 वार्डों में प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ने की स्थिति में हैं।

नाम वापसी की प्रक्रिया के तहत वार्ड नंबर 6 से माधुरी मेघवाल, वार्ड नंबर 10 से पंकज स्वर्णकार, वार्ड नंबर 14 से बजरंगदास वैष्णव व राधेश्याम वैष्णव तथा वार्ड 19 से विपुल प्रजापत ने अपना नाम वापस लिया है। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के साथ 12 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं।

निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में डटे रहने से कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणी होने के साथ ही रोचक होने के आसार बन गए हैं। दोनों प्रमुख दलों भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस के प्रत्याशी जहां पार्टी के परंपरागत वोटों के साथ मैदान में डटे हुए हैं, वहीं निर्दलीय प्रत्याशी अपनी व्यक्तिगत पकड़ और वार्ड के मतदाताओं के भरोसे चुनावी समीकरण को प्रभावित करने में लगे हैं।

नाम वापसी के बाद सभी प्रत्याशियों की निगाहें आज चुनाव चिन्ह आवंटन पर टिकी हुई हैं। चुनाव चिन्ह मिलने के बाद मतदाताओं के बीच भी वार्डवार मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। इधर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने घर-घर जाकर वोटरों से मिलना शुरू कर दिया है।

अब नजर इस बात पर है कि निर्दलीय प्रत्याशी मुकाबले में कहां तक टिकते हैं और भारतीय जनता पार्टी तथा कांग्रेस के चुनावी समीकरण को कितना प्रभावित करते हैं। 20 वार्डों में 52 प्रत्याशियों की मौजूदगी के बीच 12 निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका चुनावी मुकाबले को प्रभावित करने वाली साबित हो सकती है।

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