तस्वीर में राजकीय महाविद्यालय मावली में आयोजित एनएसएस अभिविन्यास कार्यक्रम के दौरान मंच से संबोधित करते अतिथि और बैठे हुए अन्य अधिकारी नजर आ रहे हैं।

फतहनगर। राजकीय महाविद्यालय, मावली में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की एक इकाई के तीन दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय परिसर में श्रमदान कर स्वच्छता और सेवा का संदेश दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. महेश चंद्र तिवारी तथा विशिष्ट अतिथि खेल अधिकारी डॉ. नगेन्द्र सिंह सोलंकी रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।



कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नरपत राम परमार ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के नए सत्र के कैलेंडर के अनुसार वर्षभर आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी।

मुख्य अतिथि डॉ. महेश चंद्र तिवारी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि मानव जीवन की सार्थकता का मूल मंत्र सेवा है। प्रत्येक व्यक्ति को निस्वार्थ भाव से जीव मात्र के प्रति दया एवं सेवा का भाव रखते हुए समाज और राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि डॉ. नगेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का ध्येय वाक्य “स्वयं से पहले आप” स्वयंसेवकों की सेवा भावना और पहचान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित होती है। महाविद्यालय में एनएसएस इकाई के संचालन से विद्यार्थियों में उत्साह और अनुशासन दिखाई देना सकारात्मक संदेश है।

कार्यक्रम के पश्चात एनएसएस स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय परिसर में श्रमदान किया। कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवक जगदीश तेली ने किया, जबकि स्वयंसेविका पल्लवी रिखी ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान एनएसएस इकाई के करीब 100 स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहे। तीन दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम की शुरुआत के साथ विद्यार्थियों ने सेवा, स्वच्छता, अनुशासन और सामाजिक दायित्व के प्रति अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

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