11 केवी लाइन का तार टूटकर गिरा, करंट की चपेट में आने से 14 गोवंश की मौत
कुंथवास में 11 केवी लाइन का तार टूटने से 14 गोवंश की मौत, शिकायतों के बावजूद तार नहीं सुधारे जाने पर ग्रामीणों ने कार्रवाई मांगी।
तस्वीर में कुंथवास गांव के फार्म हाउस परिसर में करंट लगने से मृत पड़े गोवंश और उन्हें देखने एकत्रित हुए ग्रामीण नजर आ रहे हैं।
खेरोदा थाना क्षेत्र के कुंथवास गांव में बुधवार सुबह विद्युत विभाग की लापरवाही के आरोपों के बीच दर्दनाक हादसा हो गया। फार्म हाउस के ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इसकी चपेट में आने से बाड़े में बंधे 14 गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई। मृत गोवंश में 8 गाय, 5 बछड़े और एक नंदी शामिल हैं। हादसे के बाद पशुपालक परिवार में कोहराम मच गया, वहीं ग्रामीणों में विद्युत विभाग के खिलाफ आक्रोश फैल गया।
पशुपालक सत्यनारायण माहेश्वरी ने बताया कि उन्होंने कुंथवास निवासी युवराजसिंह शक्तावत का फार्म हाउस ठेके पर ले रखा है। फार्म हाउस में बड़ी संख्या में गोवंश रखा हुआ था। इसके ऊपर से 11 केवी विद्युत लाइन गुजर रही है। ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय से विद्युत लाइन के तार ढीले होकर झूल रहे थे। इस संबंध में विद्युत विभाग के लाइनमैन और संबंधित एफआरटी कार्मिकों को कई बार शिकायत भी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद तारों को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया।
बताया गया कि बुधवार सुबह क्षेत्र में रात से बारिश हो रही थी। इसके चलते फार्म हाउस परिसर और आसपास का क्षेत्र गीला था। इसी दौरान अचानक 11 केवी लाइन का तार टूटकर नीचे गिर गया। तार के नीचे गिरते ही विद्युत प्रवाह की चपेट में पूरा बाड़ा आ गया। बाड़े में बंधे गोवंश करंट की चपेट में आ गए और देखते ही देखते 8 गाय, 5 बछड़े और एक नंदी की मौत हो गई।
पशुपालक सत्यनारायण माहेश्वरी ने बताया कि वह सुबह रोजाना की तरह गोवंश का दूध निकालने के लिए बाड़े में पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही उनकी आंखों के सामने दर्दनाक मंजर था। बाड़े में बंधे सभी गोवंश मृत पड़े थे। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे। अपने पशुधन को एक साथ मृत देखकर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पशुपालक के लिए ये गोवंश केवल पशु नहीं थे, बल्कि उनकी आजीविका का प्रमुख साधन थे। एक साथ 14 गोवंश की मौत से परिवार को आर्थिक नुकसान भी हुआ है।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर विद्युत लाइन के तार काफी नीचे और ढीले होकर झूल रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा समय-समय पर इनकी शिकायत संबंधित लाइनमैन और एफआरटी ठेकेदार के कार्मिकों से की जाती रही, लेकिन शिकायतों के बावजूद तारों को दुरुस्त नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते झूलते तारों को ठीक कर दिया जाता तो संभवतः इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना को लेकर पशुपालक ने खेरोदा थाने में रिपोर्ट देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने कुंथवास फीडर पर कार्यरत एफआरटी ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त करने, संबंधित लाइनमैन को बर्खास्त करने तथा हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
ग्रामीणों ने कहा कि विद्युत लाइनों की नियमित जांच और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और ठेकेदार की है। यदि शिकायतों के बावजूद तारों को ठीक नहीं किया गया और इसी लापरवाही के कारण गोवंश की मौत हुई है तो जिम्मेदारी तय कर पशुपालक को उचित मुआवजा दिलाया जाना चाहिए। हादसे में 14 गोवंश की मौत के बाद अब ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।