सामाजिक एकता मजबूत करने नई नियमावली का विमोचन, पारिवारिक विवादों पर सुनवाई
डूंगरपुर के खेरवाड़ा में कलाल समाज सेवा संस्थान की जनरल बैठक में नई सामाजिक नियमावली का विमोचन हुआ। पारिवारिक विवाद और नियम उल्लंघन के प्रकरणों की सुनवाई कर समितियों ने उचित निर्णय लिए।
तस्वीर में डूंगरपुर में कलाल समाज सेवा संस्थान की बैठक के दौरान समाज के पदाधिकारी और सदस्य हाथ में नवीन नियमावली का पर्चा थामे खड़े नजर आ रहे हैं।
खेरवाड़ा, मोड़ (मेवाड़ा)। डूंगरपुर के कलाल समाज सेवा संस्थान (11 इकाई) की जनरल बैठक में सामाजिक व्यवस्थाओं को अधिक अनुशासित और एकरूप बनाने के उद्देश्य से नवीन सामाजिक रीति-रिवाज एवं नियमावली का विमोचन किया गया। बैठक में पारिवारिक विवाद और सामाजिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की सामाजिक स्तर पर सुनवाई की गई और उचित निर्णय लिए गए।
बैठक में जनरल अध्यक्ष राकेश कुमार पटेल, संरक्षक नगीन लाल कलाल, सभाध्यक्ष भरत लाल, पूर्व अध्यक्ष चिमनलाल कलाल, मांगीलाल खेमारू, पूर्व संरक्षक रमण लाल नवाडेरा, सह-संरक्षक गणपत लाल अनसोल, चंदूलाल बोरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र कलाल, उपाध्यक्ष रामलाल थाना, अमित खेरवाड़ा और वरिष्ठ महिला उपाध्यक्ष रेखा देवी सहित 11 इकाइयों के प्रमुख, संरक्षक, केंद्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी, समाजबंधु एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे।
समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं अतिथियों ने नवीन सामाजिक नियमावली का विधिवत विमोचन किया। वक्ताओं ने कहा कि समय के साथ सामाजिक व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करते हुए ऐसी नियमावली का पालन जरूरी है, जिससे समाज में एकरूपता, अनुशासन, सामाजिक सद्भाव एवं आपसी भाईचारा मजबूत हो।
बैठक में प्राप्त पारिवारिक विवाद एवं सामाजिक नियम उल्लंघन से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता और निष्पक्षता से सुनवाई की गई। सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। पारिवारिक विवादों की सुनवाई के लिए वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र खेरवाड़ा, सह-संरक्षक गणपत लाल अनसोल, उपाध्यक्ष आर.टी. पटेल चितरोड़ी एवं हवचन्द संचिया के नेतृत्व में समितियां गठित की गईं। समितियों ने दोनों पक्षों की बात सुनकर प्रकरणों की जांच की और सामाजिक रीति-रिवाज एवं नियमावली के अनुरूप उचित निर्णय लिए।
जनरल अध्यक्ष राकेश कुमार पटेल ने समाजबंधुओं से धार्मिक मान्यताओं एवं सामाजिक परंपराओं का सम्मान करते हुए निर्धारित नियमावली के अनुसार मर्यादित आचरण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत एवं सामाजिक उन्नति के लिए सभी समाजबंधुओं की सकारात्मक भागीदारी आवश्यक है। आपसी सहयोग, अनुशासन, शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक एकता के माध्यम से समाज को निरंतर प्रगति की ओर ले जाने में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि नवीन सामाजिक नियमावली का उद्देश्य किसी व्यक्ति पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव, समानता, अनुशासन, सामाजिक मर्यादा एवं पारिवारिक एकता को मजबूत करना है।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री डॉ. मोहन लाल कलाल एवं सचिव कल्पेश कलाल ने किया। अंत में सभाध्यक्ष भरत लाल, खेरवाड़ा ने सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान करते हुए उपस्थित पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया।