भाणदा बालिका विद्यालय में जलभराव की समस्या पर सख्ती, पक्की नाली निर्माण के निर्देश
भाणदा बालिका विद्यालय में एसडीएमसी बैठक में जलभराव समस्या पर चर्चा हुई, पक्की नाली निर्माण सहित विकास कार्यों के निर्देश दिए गए।
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भाणदा में विद्यालय विकास एवं प्रबंध समिति (एसडीएमसी) की बैठक सोमवार को आयोजित हुई, जिसमें विद्यालय परिसर की समस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा के बाद जलभराव की समस्या के समाधान के लिए पक्की नाली निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
खेरवाड़ा स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, भाणदा में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राकेश चौधरी ने की। बैठक में विद्यालय परिसर में व्याप्त विभिन्न समस्याओं, आवश्यक सुविधाओं और लंबित विकास कार्यों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान विद्यालय प्रशासन एवं एसडीएमसी की ओर से ग्रामीण सेवा शिविर के शिविर प्रभारी सहायक विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह तथा ग्राम पंचायत भाणदा के प्रशासक को पत्र सौंपा गया। पत्र के माध्यम से विद्यालय परिसर में पक्की नाली के अभाव के कारण होने वाले जलभराव, बालिकाओं के शौचालय के समीप मिट्टी भराव से उत्पन्न फिसलन और विद्यार्थियों को हो रही असुविधाओं से अवगत कराया गया।
इसके बाद शिविर प्रभारी, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और एसडीएमसी सदस्यों ने विद्यालय परिसर का मौके पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शिविर प्रभारी ने ग्राम विकास अधिकारी को अगले ही दिन से पर्याप्त गहराई एवं चौड़ाई वाली पक्की नाली का निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
बैठक में विद्यालय में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। एसडीएमसी सदस्यों ने उच्च अधिकारियों से संपर्क कर शीघ्र आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति कराने का आश्वासन विद्यालय प्रशासन को दिया।
विद्यालय प्रशासन ने समिति को भवन की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि विद्यालय में कुल 14 कक्ष हैं, जिनमें से 5 कक्ष जर्जर श्रेणी में शामिल हैं। वहीं, 5 कक्षों की बृहद मरम्मत के प्रस्ताव सीबीईओ कार्यालय खेरवाड़ा के माध्यम से बीकानेर भेजे जा चुके हैं।
इसके अलावा विद्यालय परिसर में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने, नालियों की नियमित सफाई और अन्य लंबित विकास कार्यों की जानकारी भी शिविर प्रभारी को दी गई। बैठक में इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने पर जोर दिया गया। विद्यालय परिसर में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर की गई पहल से अब विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।