ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन! अब भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाले बिल का क्या होगा भविष्य?

ट्रंप के करीबी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का कार्डियक अरेस्ट से निधन, भारत पर टैरिफ बिल को लेकर चर्चा में थे।

Update: 2026-07-12 07:20 GMT

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम, जो साउथ कैरोलिना का प्रतिनिधित्व करते थे, का वॉशिंगटन में निधन हो गया।

अमेरिकी राजनीति के दिग्गज और साउथ कैरोलिना से रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया है। 71 वर्षीय ग्राहम ने शनिवार रात वॉशिंगटन स्थित अपने कैपिटल हिल आवास पर अंतिम सांस ली। एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है। ग्राहम के आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी एक बयान में उनके परिवार ने इस कठिन समय में निजता बनाए रखने का आग्रह किया है और लोगों से प्रार्थनाओं के लिए आभार व्यक्त किया है। उनके निधन की खबर से अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है, क्योंकि वे एक अत्यंत सक्रिय और प्रभावशाली राजनेता थे।

लिंडसे ग्राहम का राजनीतिक करियर लंबा और विविध रहा है। उन्होंने 2003 से अपनी मृत्यु तक अमेरिकी सीनेट में साउथ कैरोलिना का प्रतिनिधित्व किया। सीनेटर बनने से पहले, उन्होंने 1995 से 2003 तक हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में अपनी सेवाएं दी थीं। राजनीति में प्रवेश करने से पूर्व, वे अमेरिकी वायु सेना में एक वकील के रूप में तैनात थे और कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वाशिंगटन में उन्हें एक 'हॉक' नेता के रूप में पहचाना जाता था, जो अमेरिकी सैन्य शक्ति के विस्तार और विदेशी मामलों में सक्रिय भूमिका के प्रबल समर्थक थे।

ग्राहम का हालिया समय काफी व्यस्त रहा था। वे 9 जुलाई को ही 71 वर्ष के हुए थे। निधन से महज कुछ दिन पहले, शुक्रवार को उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। इसके अलावा, सीनेट बजट समिति के अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने हाल ही में नवंबर 2026 के चुनाव में पांचवें कार्यकाल के लिए अपनी पार्टी का नॉमिनेशन भी हासिल कर लिया था। उनके निधन से न केवल रिपब्लिकन पार्टी बल्कि पूरे अमेरिकी संसद में एक खालीपन आया है, विशेष रूप से उन नीतिगत मामलों पर जिन पर वे गहराई से काम कर रहे थे।

लिंडसे ग्राहम पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगियों में से एक माने जाते थे। उनके निधन के बाद से उनके द्वारा प्रस्तावित एक महत्वपूर्ण बिल के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। ग्राहम उस बिल पर काम कर रहे थे जिसके तहत रूसी तेल खरीदने वाले देशों, जिनमें भारत का नाम भी चर्चा में था, पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान था। इस बिल को लेकर हाल ही में ट्रंप प्रशासन के साथ उनका समझौता हुआ था और इसमें कुछ संशोधन भी किए गए थे। रिपोर्टों के अनुसार, इस बिल को 80 से अधिक सीनेटर्स का समर्थन प्राप्त था और इसे जल्द ही सीनेट में पेश किए जाने की योजना थी।

अपनी विदेश नीति के कड़े रुख के लिए जाने जाने वाले ग्राहम का भारत को लेकर दृष्टिकोण काफी सख्त रहा था। यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में उन्होंने बार-बार भारत और चीन पर रूसी तेल खरीद को लेकर निशाना साधा था। उनकी मृत्यु ने अब इस जटिल अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। एक अनुभवी राजनेता के जाने से अमेरिकी सीनेट में एक बड़े रणनीतिकार की कमी महसूस की जाएगी, जिनके प्रभाव और राजनीतिक पैंतरेबाज़ी ने दशकों तक वाशिंगटन की नीतियों को आकार दिया था।


Similar News