रूस में पति को सेना में भेजने का आरोप! मॉस्को से भारतीय इंजीनियर की पत्नी का वीडियो वायरल, भारत सरकार से लगाई मदद की गुहार|
रूस में वर्क वीजा पर कार्यरत भारतीय इंजीनियर चंदन गुप्ता की पत्नी स्नेहा ने पुलिस द्वारा पति को हिरासत में लिए जाने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वीडियो के माध्यम से सुरक्षित व त्वरित वतन वापसी की गुहार लगाई है।
रूस की राजधानी मॉस्को में रहने वाली भारतीय इंजीनियर चंदन गुप्ता की पत्नी स्नेहा गुप्ता अपने पति की गिरफ्तारी के संदर्भ में वीडियो के माध्यम से गुहार लगाते हुए।
रूस में वर्क वीजा पर कार्यरत एक भारतीय इंजीनियर चंदन गुप्ता की गिरफ्तारी का मामला सामने आने के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले चंदन गुप्ता नोएडा सेक्टर-62 की एक पॉलीफिल्म कंपनी के माध्यम से हाई-क्वालिफाइड वर्क वीजा पर रूस की राजधानी मॉस्को में पोस्टेड थे। उनकी पत्नी स्नेहा चंदन गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर रूसी प्रशासन और वहां की पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित पत्नी का आरोप है कि मॉस्को पुलिस बिना किसी ठोस कारण या पूर्व सूचना के उनके पति को रात करीब साढ़े बारह बजे अपने साथ हिरासत में लेकर चली गई, जिसके बाद उन्हें जेल में रखा गया है। स्नेहा का दावा है कि उनके पति ने ऐसा कोई भी अवैधानिक कार्य नहीं किया था, जिसके चलते उन्हें इस प्रकार गिरफ्तार किया जाए। स्थिति तब और अधिक गंभीर हो गई जब उन्होंने आरोप लगाया कि रूसी प्रशासन इन दिनों नागरिकों को जबरन अपनी सेना में शामिल कर रहा है क्योंकि रूसी सेना के पास लोगों की भारी कमी है।
मॉस्को में अपने दस साल के बच्चे के साथ अकेली रह रही स्नेहा को रूसी भाषा का ज्ञान न होने के कारण भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट की घड़ी में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए अपने पति की सुरक्षित रिहाई और वतन वापसी की अपील की है। उन्होंने अपनी इस अपील में लोगों से वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने का अनुरोध किया है ताकि उनके पति को जबरन रूसी सेना में भेजे जाने से बचाया जा सके।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच स्नेहा ने मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास की कार्यप्रणाली पर भी कड़ा असंतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि दूतावास के अधिकारियों से लगातार संपर्क करने के बावजूद उन्हें केवल यह आश्वासन दिया जा रहा है कि उनके पति को जल्द रिहा कर दिया जाएगा, लेकिन जमीन पर कोई ठोस मदद या स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। विदेशों में रोजगार के लिए जाने वाले नागरिकों की सुरक्षा और दूतावासों की सक्रियता पर इस घटना ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे प्रवासी भारतीयों के परिवारों में भारी चिंता का माहौल है।