हरियाणा के रेवाड़ी में टला बड़ा रेल हादसा: इंजन से अलग होकर पीछे छूटीं ट्रेन की बोगियां|
हरियाणा के गोकलगढ़ में कपलिंग हुक खुलने से ट्रेन के डिब्बे पीछे छूटे, बड़ा हादसा टला।
रेवाड़ी में हिसार-गंगानगर पैसेंजर ट्रेन का डिब्बा, जिसका इंजन तकनीकी खराबी के कारण अलग हो गया था।
हरियाणा के रेवाड़ी में मंगलवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। हिसार-गंगानगर रेल लाइन पर गोकलगढ़ गांव के समीप एक पैसेंजर ट्रेन का इंजन अचानक अपनी बोगियों से अलग हो गया, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। दोपहर करीब दो बजे जब यह पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग पर रवाना हुई, तो कुछ ही दूरी तय करने के बाद इंजन और डिब्बों के बीच का कनेक्शन टूट गया। इंजन आगे की दिशा में बढ़ गया, जबकि ट्रेन की बोगियां पटरी पर ही पीछे छूट गईं।
घटना की गंभीरता का पता तब चला जब इंजन बोगियों से लगभग 400 मीटर की दूरी पर आगे निकल गया। गनीमत यह रही कि जिस समय यह तकनीकी खराबी आई, उस वक्त ट्रेन की गति अपेक्षाकृत कम थी। यदि गति तेज होती, तो बोगियों के पटरी से उतरने या किसी अन्य गंभीर दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था। ट्रेन की धीमी गति ने इस स्थिति को नियंत्रित रखने में बड़ी भूमिका निभाई और एक संभावित बड़ी रेल दुर्घटना को टाल दिया।
रेलवे के तकनीकी सूत्रों से प्राप्त शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस घटना का मुख्य कारण इंजन और पहली बोगी को जोड़ने वाले हुक, जिसे तकनीकी भाषा में कपलिंग कहा जाता है, का अचानक खुल जाना बताया जा रहा है। ट्रेन के संचालन के दौरान कपलिंग के खुल जाने से इंजन का बोगियों से संपर्क टूट गया और वे पीछे छूट गईं। इस घटना ने एक बार फिर ट्रेनों के तकनीकी रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसकी जांच की जा रही है।
हादसे के बाद रेल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला। इंजन को वापस बोगियों तक लाया गया और उन्हें पुन: आपस में जोड़ा गया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब आधे घंटे का समय व्यतीत हुआ, जिसके बाद ट्रेन को पुनः अपने गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। घटना के समय उपस्थित यात्रियों के लिए यह अनुभव अत्यंत तनावपूर्ण रहा, हालांकि किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। रेलवे प्रशासन ने इस घटना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की सुरक्षा चूक को दोहराने से रोका जा सके। यह घटना भारतीय रेलवे की सुरक्षा प्रणालियों के नियमित निरीक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करती है, ताकि लाखों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।