कोलकाता स्कूल में दर्दनाक हादसा: खौलती चाय पीने से छात्र की जान गई, जांच शुरू|
रामकृष्ण मिशन आश्रम स्कूल की घटना। परिजनों ने लगाया समय पर अस्पताल न ले जाने का आरोप। तीन कर्मचारी निलंबित।
कोलकाता के रामकृष्ण मिशन आश्रम स्कूल में हुई दुखद घटना के संदर्भ में प्रतीकात्मक छवि।
कोलकाता के नरेंद्रपुर स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम स्कूल में 12वीं कक्षा के एक छात्र की खौलती गर्म चाय पीने से असामयिक मृत्यु का मामला सामने आया है। मृतक छात्र दिप्तांशु महतो के परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर घोर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद छात्र के पिता मनरंजन महतो ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर छात्र के परिवार में गहरा आक्रोश है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना मंगलवार की है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल अधिकारियों ने छात्र की स्थिति बिगड़ने के बाद भी समय पर उसे अस्पताल नहीं पहुंचाया और उसके पिता के आने का इंतजार किया। पिता मनरंजन महतो, जो कलकत्ता हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं, ने बताया कि जब वे स्कूल पहुंचे तो उनका बेटा गंभीर रूप से खांस रहा था और बेहोशी की हालत में था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता के अनुसार, उनके बेटे ने अंतिम समय में बताया था कि उसने थर्मस से सीधे गर्म चाय इसलिए पी थी क्योंकि वह फर्श गंदा नहीं करना चाहता था।
इस मामले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय भी सामने आई है। रांची के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रविकांत चतुर्वेदी के अनुसार, केवल चाय पीने से मृत्यु होना चिकित्सा की दृष्टि से बेहद दुर्लभ है, हालांकि इसके पीछे कुछ संभावित कारण हो सकते हैं। खौलती चाय से फूड पाइप या विंड पाइप का क्षतिग्रस्त होना, गले की नसों में गंभीर जलन, या थर्मस की सफाई न होने के कारण फूड प्वॉइजनिंग जैसी स्थितियां हो सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम और ऑटोप्सी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
इस संवेदनशील घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल के तीन कर्मचारियों को छात्रों के साथ उत्पीड़न और लापरवाही के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। वहीं, स्कूल के प्रधानाध्यापक स्वामी इष्टेशानंद की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है, हालांकि उनके इस्तीफे की पेशकश की खबरें सामने आई हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके। यह दुखद मामला शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और देखभाल की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।