नई दिल्ली में मतदान के बाद अपनी उंगली पर स्याही का निशान दिखाते हुए बाएं से दाएं रॉबर्ट वाड्रा, प्रियंका गांधी वाड्रा और रेहान वाड्रा।

कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे तथा फोटोग्राफर रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया है कि दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी एकल प्रदर्शनी से विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी 70 से अधिक तस्वीरें हटा दी हैं। रेहान की इस प्रदर्शनी का नाम 'नो आइडिया इज फाइनल' है। इस प्रदर्शनी का प्रिव्यू बुधवार को हुआ, जबकि इसे गुरुवार से आम जनता के लिए खोला जाना है। प्रदर्शनी शुरू होने से महज कुछ ही घंटे पहले बीकानेर हाउस प्रशासन द्वारा तस्वीरें हटाए जाने का यह फैसला लिया गया।

रेहान वाड्रा के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उन्हें प्रशासन की ओर से सूचित किया गया कि अगर शाम पांच बजे तक ये तस्वीरें नहीं हटाई गईं, तो पूरी प्रदर्शनी को ही रद्द कर दिया जाएगा। रेहान ने बताया कि उन्होंने बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ इस प्रदर्शनी का विस्तृत प्रस्ताव और लेआउट काफी समय पहले ही साझा कर दिया था। इसके बावजूद, अंतिम समय में इतनी बड़ी संख्या में तस्वीरों को हटा दिया गया।

शुरुआत में इस प्रदर्शनी में वन्यजीवों, अमूर्त कला और भारत में युवाओं द्वारा किए गए हालिया प्रदर्शनों से जुड़ी 100 से अधिक तस्वीरें शामिल की गई थीं। प्रशासन के इस कदम के बाद 70 से अधिक तस्वीरें हटा दी गईं और अब केवल 40 तस्वीरें ही प्रदर्शनी में बची हैं। रेहान ने स्पष्ट किया कि हटाई गई तस्वीरों में कोई राजनीतिक संदेश नहीं था, बल्कि वे पिछले छह महीनों के दौरान हुए विभिन्न प्रदर्शनों का केवल एक दृश्य दस्तावेजीकरण थीं।

अपने काम के बारे में बात करते हुए रेहान ने कहा कि एक भारतीय कलाकार होने के नाते उन्हें लगा कि जो कुछ भी हो रहा है, उसका दस्तावेजीकरण करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि कलाकारों के काम को सेंसर किया जा रहा है और यहाँ तक कि भारतीय ध्वज की तस्वीर को भी हटा दिया गया। रेहान के अनुसार, बीकानेर हाउस प्रशासन ने तस्वीरें हटाने के पीछे देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल का हवाला दिया और कहा कि इस तरह की तस्वीरों को प्रदर्शित करने का यह सही समय नहीं है। इस पर तर्क देते हुए रेहान ने कहा कि राजनीतिक कला को रोकने का कोई तुक नहीं है, क्योंकि सभी तरह की कला किसी न किसी रूप में राजनीतिक ही होती है।

बीकानेर हाउस प्रशासन के इस फैसले पर रेहान की मां और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी कड़ा ऐतराज जताया और इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका गांधी ने कहा कि यह फैसला हास्यास्पद है और सरकार देश भर के युवाओं की आवाज को दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि रेहान की तस्वीरों में न तो कोई टिप्पणी थी और न ही किसी के खिलाफ कुछ अपमानजनक था, वे केवल प्रदर्शनों का दृश्य दस्तावेजीकरण थीं। प्रियंका ने कहा कि आज देश में लोकतंत्र नहीं रहा है और जो आज उनके बेटे के साथ हुआ है, कल किसी और कलाकार के साथ भी हो सकता है।

रेहान ने अंतिम समय में हुई इस कार्रवाई पर निराशा व्यक्त करते हुए दोहराया कि जब पूरी योजना और प्रस्ताव पहले ही साझा किया जा चुका था, तो उद्घाटन से 24 घंटे से भी कम समय पहले लगभग आधी कलाकृतियों को हटाने के लिए कहना पूरी तरह से अनुचित है।