नई दिल्ली एयरपोर्ट पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा प्रिंस रहीम आगा खान पंचम का स्वागत, जो पहली भारत यात्रा पर आए हैं।

इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम प्रिंस रहीम आगा खान पंचम अपनी पहली भारत यात्रा पर बुधवार देर रात नई दिल्ली पहुंचे। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनका रेड कार्पेट स्वागत किया गया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के आधिकारिक निमंत्रण पर वह 9 से 15 सितंबर तक भारत के दौरे पर रहेंगे। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान वह देश के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करने के साथ कई प्रमुख शहरों का दौरा भी करेंगे।

आज गुरुवार, 10 सितंबर को उनका उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक का कार्यक्रम तय है। दिल्ली प्रवास के दौरान उनके देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात के प्रस्ताव हैं। इसके अलावा, वह केंद्रीय गृह मंत्री और विदेश मंत्री से भी द्विपक्षीय और सामुदायिक विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

राजधानी दिल्ली के अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बाद प्रिंस रहीम आगा खान पंचम अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद के दौरे पर रवाना होंगे। इन सभी प्रमुख शहरों में 'आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क' (AKDN) विभिन्न सामाजिक विकास कार्यों, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामुदायिक पहलों से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है।

प्रिंस रहीम आगा खान पंचम के रूप में इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम का पद संभालने के बाद भारत की यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है। उन्होंने फरवरी 2025 में अपने पिता प्रिंस करीम आगा खान चतुर्थ के निधन के उपरांत 50वें इमाम के रूप में यह पवित्र पदभार संभाला था। उस दौरान शिया इस्माइली मुसलमानों के 49वें इमाम रहे प्रिंस करीम अल-हुसैनी आगा खान चतुर्थ के इंतकाल से पूरी दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई थी।

उनके पिता आगा खान चतुर्थ ने अपना संपूर्ण जीवन लोक कल्याण, शिक्षा और वैश्विक भाईचारे के लिए समर्पित किया था। उन्होंने दुनिया भर के सबसे गरीब और हाशिए पर जीवन बसर करने वाले समुदायों की स्थिति सुधारने में अभूतपूर्व योगदान दिया था। वर्ष 1967 में उन्होंने 'आगा खान फाउंडेशन' की स्थापना की थी, जो वर्तमान में अफ्रीका, एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और उत्तरी अमेरिका सहित 18 से अधिक देशों में मानवतावादी और विकास कार्यों का संचालन कर रहा है। उनकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए प्रिंस रहीम आगा खान पंचम की यह भारत यात्रा दोनों पक्षों के बीच सांस्कृतिक और विकासात्मक संबंधों को और अधिक मजबूत करने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।