संसद में होगी आर-पार की टक्कर? राहुल गांधी की खुली चुनौती पर क्या पीएम मोदी देंगे जवाब?
राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी को दी गई बहस की चुनौती पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में चर्चा संभव है।
संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में बहस की चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद शशि थरूर और राहुल गांधी (बाएं से दाएं)।
संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में इस बार देश की राजनीति का पारा काफी चढ़ने की उम्मीद है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की खुली चुनौती दिए जाने के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य भाजपा नेताओं के बयानों से यह संकेत मिल रहे हैं कि यह बहुप्रतीक्षित बहस अब सीधे संसद के पटल पर देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम और नेताओं की प्रतिक्रियाओं से जुड़ी सभी अहम बातें।
25 नवंबर से शुरू होगा शीतकालीन सत्र
आज से ठीक 19 दिन बाद, यानी 25 नवंबर 2026 को संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है। सत्र के शुरू होने में अभी दो सप्ताह का समय बाकी है, लेकिन इसकी राजनीतिक रूपरेखा अभी से बनने लगी है। इस बार के सत्र में एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे, तो दूसरी तरफ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, जिससे सदन की कार्यवाही बेहद गरमागरम रहने के आसार हैं।
अमित शाह का पलटवार और विशेष सत्र का प्रस्ताव
हरियाणा के करनाल में दिए गए अपने हालिया भाषण में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की चुनौती पर पलटवार किया। गृह मंत्री ने कहा कि यदि राहुल गांधी सचमुच किसी भी मुद्दे पर सार्थक चर्चा करना चाहते हैं, तो उन्हें प्रधानमंत्री को आधिकारिक पत्र लिखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार 'एसआईआर' (SIR) के अलावा अन्य सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विशेष सत्र आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि अलग से कोई विशेष सत्र नहीं भी बुलाया जाता है, तो शीतकालीन सत्र के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस होने की पूरी संभावना है।
शशि थरूर का बयान: राहुल का प्रस्ताव अब भी कायम
राहुल गांधी की इस बहस की चुनौती पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। शशि थरूर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी द्वारा दी गई बहस की चुनौती का प्रस्ताव आज भी पूरी तरह से कायम है। उन्होंने कहा कि जब संसद का सत्र दोबारा शुरू होगा, तो इस पर चर्चा की जा सकती है। थरूर ने अपने बयान में कहा, "संसद का सत्र अभी समाप्त नहीं हुआ है। सत्र को फिर से बैठने दीजिए। अगर संसद का सत्र शुरू होता है, तो मुझे लगता है कि राहुल गांधी का बहस करने का प्रस्ताव अब भी कायम है।"
राहुल गांधी ने दी थी खुली चुनौती
इससे पहले राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें सार्वजनिक मंच पर बहस की चुनौती दी थी। राहुल ने कहा था कि उनकी चुनौती को दिए हुए 24 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन प्रधानमंत्री की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है।
उन्होंने तीखे अंदाज में कहा था कि वे किसी भी मंच पर, किसी भी जगह और किसी भी समय बहस करने के लिए तैयार हैं। राहुल ने यह भी कहा था कि देश की जनता, मीडिया और देश के युवा सब देखेंगे कि असल में देशद्रोही कौन है और विदेशी ताकतों के साथ किसका क्या कनेक्शन है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच एक मेज होगी, एक तरफ प्रधानमंत्री होंगे और दूसरी तरफ वे खुद होंगे, और जिसे चाहें जज बना लें।