मुंबई में बकरीद पर खुली जगह में कुर्बानी के खिलाफ बीएमसी से कार्रवाई की मांग के बीच भाजपा नेता किरीट सोमैया, अभिनेत्री दीया मिर्जा और अभिनेता नसीरुद्दीन शाह दिखाई दे रहे हैं।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बकरीद के त्यौहार पर खुले और रिहायशी इलाकों में होने वाली कुर्बानी को लेकर राजनीति और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को पत्र लिखकर खुले में पशु वध पर पूरी तरह रोक लगाने और सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।

किरीट सोमैया ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि त्योहारों के नाम पर रिहायशी सोसाइटियों, चालों (चॉल), खुले मैदानों, सार्वजनिक चौराहों और सड़कों पर बकरियों और अन्य जानवरों की अवैध रूप से कुर्बानी दी जाती है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन को इस प्रकार की प्रथाओं पर तुरंत लगाम लगानी चाहिए।

किन-किन इलाकों का किया गया जिक्र?

किरीट सोमैया ने अपने पत्र में मुंबई के कई प्रमुख और घनी आबादी वाले इलाकों की सूची दी है, जहां खुले में कुर्बानी की शिकायतें बार-बार सामने आती हैं। उनके अनुसार, इन क्षेत्रों में नगर निगम को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए:

  • शिवाजीनगर, गोवंडी और मानखुर्द
  • कुर्ला, मालवणी और भायखला
  • भिंडी बाजार, विक्रोली पार्क साइट और घाटकोपर (पश्चिम)
  • मुंबादेवी और गोलदेवल क्षेत्र

बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि स्थानीय निवासियों द्वारा लगातार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद नगर निगम के अधिकारी इन्हें अनदेखा कर देते हैं। उनका कहना है कि बीएमसी अधिकारी अक्सर किसी न किसी परिपत्र (सर्कुलर) का बहाना बनाकर गैर-कानूनी और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट में सेलिब्रिटीज के नाम लिखकर जताई नाराजगी

किरीट सोमैया ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अपनी पोस्ट में "प्रदूषण, गंदगी और क्रूरता" का जिक्र करते हुए लिखा कि उन्होंने बीएमसी को पत्र सौंपकर मांग की है कि वे बकरीद के दौरान खुले और रिहायशी इलाकों में कुर्बानियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं।

उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई नगर निगम को भी त्योहार के समय होने वाले प्रदूषण और गंदगी को रोकने के लिए जन-अपील जारी करनी चाहिए। इस पोस्ट में उन्होंने कई बॉलीवुड हस्तियों और प्रसिद्ध शख्सियतों का नाम भी लिखा, जिनमें दीया मिर्जा, नसीरुद्दीन शाह, आमिर खान, शाहरुख खान, सलमान खान और शबाना आजमी शामिल हैं।

रिहायशी सोसाइटियों और नियमों में बदलाव का सुझाव

आवासीय परिसरों को लेकर किरीट सोमैया ने स्पष्ट रुख अपनाया है। उनका कहना है कि किसी भी हाउसिंग सोसाइटी या चाल के भीतर खुले में कुर्बानी की अनुमति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। यदि मुस्लिम समुदाय के लोग धार्मिक अनुष्ठान के लिए कुर्बानी देना चाहते हैं, तो नगर निगम को उनके लिए अलग से स्टॉल या निर्धारित जगह की व्यवस्था करनी चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि अगर किसी खुली जगह पर कोई अस्थायी इंतजाम किया जाता है, तो इस बात का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए कि वहां के स्थानीय निवासियों को कोई आपत्ति न हो और उनकी ओर से कोई विरोध न आए। हालांकि, उनका यह भी तर्क है कि मुंबई के हर रिहायशी इलाके के पास पहले से ही दुकानें और बाजार मौजूद हैं, इसलिए अलग से खुली जगहों पर इंतजाम करने की जरूरत ही नहीं होनी चाहिए।

बीएमसी के पुराने सर्कुलर में संशोधन की मांग

पत्र के जरिए बीजेपी नेता ने बीएमसी के परिपत्र (सर्कुलर) में मौजूद उस प्रावधान को तुरंत हटाने की मांग की है, जो जरूरत पड़ने पर खुली जगहों पर अलग मंडप (पैवेलियन) लगाने की अनुमति देता है। उनका कहना है कि नगर निगम को बकरीद के मौके पर केवल निर्धारित बाजारों, तय दुकानों और आधिकारिक स्थलों पर ही पशु वध की अनुमति देनी चाहिए।

उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बकरीद के मौके पर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग जानबूझकर खुली जगहों पर जानवरों की कुर्बानी देते हैं ताकि हिंदुओं को डराया और धमकाया जा सके। नगर निगम और पुलिस प्रशासन को ऐसी हरकतों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।


जन-जागरूकता अभियान और सख्त क्रियान्वयन की अपील

किरीट सोमैया ने अपने पत्र के समापन में कहा कि बीएमसी को मुस्लिम समुदाय के धार्मिक नेताओं और प्रमुख हस्तियों को साथ लेकर एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना होना चाहिए कि खुले स्थानों पर कुर्बानी स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे बकरीद हो या कोई अन्य धार्मिक अनुष्ठान, किसी भी नाम पर प्रदूषण और गंदगी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके लिए नगर निगम को अपने मौजूदा नियमों की नए सिरे से समीक्षा करनी होगी, कठोर नियम बनाने होंगे और यह सुनिश्चित करना होगा कि धरातल पर उनका पूरी सख्ती से पालन कराया जाए।