फलाहारी बाबा (बाएं) और संत प्रेमानंद महाराज (दाएं) मथुरा के श्री हित राधा केलीकुंज आश्रम और चल रहे विवाद के संदर्भ में।

उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृंदावन क्षेत्र में संत प्रेमानंद जी महाराज और उनके श्री हित राधा केलीकुंज आश्रम को लेकर चर्चाएं और विवाद इन दिनों काफी गहराए हुए हैं। प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत के बाद से ही यह आश्रम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इसी बीच, फलाहारी बाबा द्वारा दिए गए ब बयानों और एक पत्र ने इस पूरे घटनाक्रम में एक नया और सनसनीखेज मोड़ ला दिया है, जिससे मथुरा-वृंदावन के धार्मिक और सामाजिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

फलाहारी बाबा ने संत प्रेमानंद महाराज को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा है और साथ ही 2 मिनट 49 सेकंड का एक वीडियो भी जारी किया है। अपने इन संदेशों के जरिए उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर बिल्डर लॉबी का कब्जा होता जा रहा है। फलाहारी बाबा का कहना है कि राजस्थान की एक पीआर एजेंसी की मदद से देश के एक टॉप क्रिकेटर को 5 करोड़ रुपये देकर संत प्रेमानंद के आश्रम में लाया गया था। उनका दावा है कि इसी माध्यम से बिल्डर लॉबी ने आश्रम के भीतर अपनी पैठ और पकड़ को काफी मजबूत कर लिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीआर कंपनी से जुड़े लोग संत का चोला पहनकर आश्रम के अंदर घुसपैठ कर चुके हैं और असल में वे प्रॉपर्टी डीलिंग के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।

इस पूरे विवाद के बीच फलाहारी बाबा ने संत प्रेमानंद महाराज से अपील की है कि वे वर्तमान श्री हित राधा केलीकुंज आश्रम और न्यू बेलवन आश्रम को छोड़कर गोवर्धन गिरिराज जी में उनके आश्रम आ जाएं। उनका तर्क है कि बेलवन आश्रम के आसपास की सारी जमीन को एक बहुत बड़े ग्रुप और भू-माफियाओं ने खरीद लिया है। बाबा के अनुसार, महाराज पहले से ही इस दूसरे ग्रुप से खासे परेशान रहे हैं, क्योंकि यह ग्रुप जमीनों के अवैध कारोबार में संलिप्त है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आश्रम के आसपास कई ऐसे संदिग्ध कार्य चल रहे हैं जिन्हें खुलकर नहीं बताया जा सकता है। इसके चलते उन्होंने आश्रम के आसपास सक्रिय भूमाफिया गैंग और किडनी गैंग जैसे मामलों की उच्च स्तरीय सीबीआई जांच कराए जाने की भी पुरजोर मांग उठाई है।

फलाहारी बाबा ने अपने बयानों में आश्रम के भीतर चल रही अंदरूनी गुटबाजी और मतभेदों का भी खुलकर जिक्र किया है। उनका कहना है कि दूसरा गुट यह दावा करता है कि प्रेमानंद महाराज पहले बहुत सादा जीवन जीते थे और एक छोटे से मंदिर में बैठकर केवल भजन-कीर्तन करते थे। उस गुट का यह भी कहना है कि प्रवचन देने की बात उन्होंने ही समझाई थी और वे ही एक स्टार क्रिकेटर को पांच करोड़ रुपये देकर यहां लेकर आए थे, जिससे महाराज को भारी प्रसिद्धि मिली। फलाहारी बाबा का आरोप है कि इस सब के बाद महाराज अब उन्हें भूल चुके हैं और दूसरे लोगों तथा अन्य साधुओं के संपर्क में ज्यादा रहते हैं।

आश्रम के इन दो गुटों के बीच चल रहे भारी मतभेद और विवाद को देखते हुए फलाहारी बाबा ने संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर संत प्रेमानंद महाराज को जेड प्लस (Z Plus) सुरक्षा दिए जाने की मांग की है। हालांकि, फलाहारी बाबा ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही दूसरा गुट महाराज को प्रसिद्धि दिलाने का दावा करता हो, लेकिन हकीकत यह है कि महाराज की अपनी तपस्या और साधना बहुत अधिक है। वे राधा रानी और ब्रजभूमि के परम लाडले हैं। यही कारण है कि उन्होंने महाराज से इन तमाम झमेलों, अन्न त्यागकर तपस्या का मार्ग अपनाने और इन भू-माफियाओं से पूरी तरह दूर रहने की अपील की है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स और संबंधित ऑनलाइन माध्यम इन सभी आरोपों और दावों की पुष्टि नहीं करते हैं, लेकिन इन बयानों के सामने आने के बाद से स्थानीय स्तर पर चर्चाओं और प्रशासनिक हलचल का दौर जरूर तेज हो गया है