त्योहारों में नहीं उजड़ेगी रेहड़ी-पटरी वालों की रोजी-रोटी, मानवाधिकार आयोग ने राज्यों को दी सख्त हिदायत|
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्यों को निर्देश दिया है कि नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के दौरान वेंडरों को बिना वजह न हटाया जाए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) त्योहारी सीजन के शुरू होने से पहले ही रेहड़ी-फेरी और पटरी वालों के लिए ढाल बन गया है और उसने इस संबंध में एक नया निर्देश जारी किया है।
नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे आने वाले नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के त्योहारों के दौरान स्थानीय वेंडरों, सड़क किनारे सामान बेचने वालों, फेरीवालों, कुम्हारों और छोटे व्यापारियों की आजीविका और मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। NHRC ने यह भी निर्देश दिया है कि लंबित मामलों में अतिरिक्त और पूरी 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' 18 अक्टूबर 2026 तक जमा की जाए।
त्योहार में रेहड़ी-फेरी वालों को आजीविका से वंचित न करें
आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के दौरान स्थानीय वेंडरों को बिना वजह हटाया न जाए और न ही उन्हें उनकी आजीविका से वंचित किया जाए। जिन जगहों पर आग से सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा के कारणों से किसी जगह को खाली करना जरूरी हो, वहां वेंडरों के लिए उपयुक्त वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
मनमाने तरीके से वेंडरों का सामान न करें जब्त
कमीशन ने यह भी निर्देश दिया है कि वेंडरों का सामान मनमाने ढंग से जब्त न किया जाए और न ही उन पर बिना वजह कोई कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, उत्पीड़न, जबरन वसूली या बेवजह दखलंदाजी की शिकायतों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाने की बात कही गई है।
मानवाधिकार आयोग ने त्योहारी मौसम में लिया था संज्ञान
यह पूरा मामला अलग-अलग शहरों में स्थानीय वेंडरों और फेरीवालों को बिना वजह हटाने, उनका सामान ज़ब्त करने, उन पर जुर्माना लगाने और उन्हें परेशान करने की शिकायतों से जुड़ा हुआ है। पिछले साल त्योहारों के मौसम में NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया था और संबंधित राज्यों तथा स्थानीय अधिकारियों को आरोपों की जांच करने व जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
इस साल यह देखते हुए कि त्योहारों के मौसम में स्थानीय वेंडरों की आजीविका और मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमीशन के दखल की फिर से जरूरत है, कमीशन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नए निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही, NHRC ने स्थानीय प्रशासन से यह भी कहा है कि वे 'वोकल फॉर लोकल' की भावना के तहत स्थानीय वेंडरों, पारंपरिक व्यवसायों और स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को बढ़ावा दें।
आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को दिए निर्देश
कमीशन ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को यह निर्देश दिया है कि वे इन सभी निर्देशों को जिला मजिस्ट्रेटों, नगर निगम अधिकारियों, पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों तक व्यापक रूप से पहुंचाएं तथा इनके प्रभावी कार्यान्वयन को पूरी तरह से सुनिश्चित करें।