गौतम अडानी आपराधिक आरोपों से बरी: अमेरिकी अदालत ने सबूतों के अभाव में हमेशा के लिए खारिज किया मुकदमा|

सबूतों के अभाव में अमेरिकी न्याय विभाग ने वापस लिया सिक्योरिटीज फ्रॉड का मुकदमा, न्यूयॉर्क अदालत ने हमेशा के लिए बंद किया केस।

Update: 2026-05-19 07:40 GMT

उद्योगपति गौतम अडानी, जिनके खिलाफ चल रहे अमेरिकी सिक्योरिटीज फ्रॉड के सभी आपराधिक मामले सबूतों के अभाव में खारिज कर दिए गए है|

भारतीय कॉरपोरेट जगत और वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटनाक्रम सामने आया है। अडाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी को अमेरिकी न्यायिक प्रणाली से एक बहुत बड़ी और निर्णायक कानूनी राहत मिली है। अमेरिकी न्याय विभाग यानी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में चल रहे हाई-प्रोफाइल सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड के मुकदमे में दोनों व्यापारिक दिग्गजों के खिलाफ लगाए गए सभी आपराधिक आरोपों को हमेशा के लिए वापस ले लिया है। इस अप्रत्याशित न्यायिक फैसले के बाद न्यूयॉर्क की अदालत ने पूरे मामले को विथ प्रिज्युडिस के तहत बंद करने का आदेश जारी कर दिया है, जिससे इस विषय पर भविष्य में दोबारा मुकदमा चलाने के कानूनी रास्ते भी पूरी तरह समाप्त हो गए हैं।

इस संवेदनशील और व्यापक प्रभाव वाले मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो अमेरिकी नियामकों ने अडाणी समूह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। साल 2024 के अंतिम महीनों में अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग तथा न्याय विभाग द्वारा दायर अभियोगों में आरोप था कि समूह ने भारत में विशाल सौर ऊर्जा परियोजनाओं के ठेके हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को लगभग छब्बीस करोड़ पचास लाख रुपये की रिश्वत देने की योजना बनाई थी। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया था कि अमेरिकी निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं से पूंजी जुटाते समय इस कथित व्यवस्था को छुपाया गया। इन आरोपों के कारण वैश्विक स्तर पर अडाणी समूह के शेयरों और उसकी साख को भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा था।

न्यायालय के समक्ष दायर अपनी ताजा अर्जी में अमेरिकी अभ अभियोजकों ने एक बड़ा स्वीकारोक्ति पत्र प्रस्तुत किया है। न्याय विभाग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उन्होंने पूरे मामले और उपलब्ध साक्ष्यों की गहन समीक्षा की है। इस समीक्षा के बाद अभियोजकों ने पाया कि उनके पास इन आरोपों को अदालत में अकाट्य रूप से साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा मामले में किसी प्रकार का प्रत्यक्ष अमेरिकी लिंक स्थापित करने में भी विफलता हाथ लगी है। अपने अभियोगात्मक विवेक का उपयोग करते हुए विभाग ने इन व्यक्तिगत प्रतिवादियों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर आगे और अधिक प्रशासनिक संसाधन व समय न लगाने का व्यावहारिक फैसला किया, जिसके बाद अदालत ने आरोपों को हमेशा के लिए निरस्त कर दिया।

इस बड़ी कानूनी राहत के समानांतर अडाणी समूह की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज ने अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के साथ एक अन्य प्रशासनिक मामले का निपटारा भी कर लिया है। कंपनी ने करीब छब्बीस सौ अड़तालीस करोड़ रुपये यानी सत्ताईस करोड़ पचास लाख डॉलर का भुगतान करके एक अलग जांच को पूरी तरह सुलझा लिया है। उस जांच के तहत अमेरिकी नियामक इस बात की पड़ताल कर रहे थे कि क्या अडाणी समूह की कंपनियों ने ईरान के खिलाफ वाशिंगटन द्वारा लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन किया था। इस वित्तीय समझौते और न्यूयॉर्क कोर्ट द्वारा आपराधिक मामले की बर्खास्तगी को अडाणी समूह के वैश्विक संचालन के रास्ते में खड़े सबसे बड़े कानूनी गतिरोधों के हटने के रूप में देखा जा रहा है।

इस ऐतिहासिक अदालती फैसले के पीछे महीनों की आक्रामक और रणनीतिक कानूनी पैरवी की एक बड़ी भूमिका रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी वकील और अडाणी समूह के मुख्य कानूनी सलाहकार रॉबर्ट गिफ्रा ने इस पूरे मामले का पासा पलटने में कमान संभाली थी। एडवोकेट रॉबर्ट गिफ्रा ने न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष लगभग सौ पन्नों का एक अत्यंत विस्तृत और तकनीकी प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया था। इस प्रस्तुति में मुख्य रूप से यह विधिक तर्क दिया गया था कि अमेरिकी नियामकों द्वारा तैयार किया गया यह पूरा मामला क्षेत्राधिकार और साक्ष्यों के मोर्चे पर अत्यंत कमजोर है क्योंकि कथित घटनाक्रम अमेरिकी कानूनी सीमाओं के अंतर्गत नहीं आता है।

इसके साथ ही इस कानूनी जंग के पीछे एक बड़ा रणनीतिक और आर्थिक आयाम भी शामिल था। अडाणी समूह के वकीलों ने अमेरिकी प्रशासन को अवगत कराया था कि जब तक यह अनिश्चित कानूनी मामला लंबित रहेगा, तब तक समूह अमेरिकी धरती पर अपने प्रस्तावित निवेशों को आगे बढ़ाने में असमर्थ रहेगा। गौरतलब है कि गौतम अडाणी ने अमेरिकी चुनाव के नतीजों के बाद सार्वजनिक रूप से अमेरिकी अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे में दस अरब डॉलर का निवेश करने तथा वहां स्थानीय स्तर पर पंद्रह हजार नई नौकरियां पैदा करने का एक बड़ा वादा किया था। इस बड़े निवेश प्रस्ताव और विधिक तर्कों के मेल ने अंततः अमेरिकी न्याय विभाग को अपने कदम पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया।

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