पूर्व IAS दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के ऐलान के बाद 2027 चुनाव लड़ने की अटकलें तेज, वीडियो संदेश में किए कई खुलासे
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल के राजनीति में आने और 2027 के चुनाव लड़ने की चर्चाओं को लेकर राजनीतिक हलकों में कयास तेज हो गए हैं।
दिव्या मित्तल के प्रशासनिक सेवा से इस्तीफे के बाद 2027 के विधानसभा चुनाव लड़ने और उनकी राजनीतिक पारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के दौरान संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया जिलों में जिलाधिकारी (DM) के रूप में कार्य किया है।
मिर्जापुर में जिलाधिकारी के पद पर अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई गांवों में आजादी के बाद पहली बार पानी पहुंचाने का कार्य किया था। इसी लोकप्रियता और कार्यों के कारण, जब उनका तबादला हुआ, तब स्थानीय लोगों ने उन्हें गुलाब की पंखुड़ियों से नहलाकर विदाई दी थी।
राजनीति में आने की घोषणा करते हुए उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने मिर्जापुर के लहुरियादह गांव का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पहाड़ी पर पानी पहुंचाने के निरीक्षण के दौरान एक महिला ने उनसे पेंशन या मकान के बजाय पांचवीं कक्षा के बाद की पढ़ाई के लिए स्कूल की मांग की थी। वीडियो में दिव्या मित्तल ने कहा कि नियम और स्वीकृति होने के बावजूद वह स्कूल तीन साल बीत जाने के बाद भी नहीं बन पाया। उन्होंने इसे स्पष्ट इरादे की कमी बताया और कहा कि यदि इरादा होता तो पहाड़ भी रास्ता दे देता। मिर्जापुर के इन्हीं अनुभवों और कार्यों के आधार पर उनके समर्थकों के बीच यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह मिर्जापुर या देवरिया से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।
अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि वे फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ेंगी। वह लोगों से डिजिटल संवाद के जरिए फीडबैक लेंगी और उसी आधार पर अपने आगे के राजनीतिक सफर और चुनाव लड़ने पर कोई अंतिम निर्णय लेंगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि वह चुनाव लड़ती हैं, तो उन्हें भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे राजनीतिक दलों से कड़ी चुनौती मिल सकती है।