विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा, शमी पूजन और नए कार्यों की शुरुआत करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था और देवी दुर्गा ने महिषासुर का संहार कर धर्म और न्याय की स्थापना की थी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी पर कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें करना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

इस लेख में जानिए विजयादशमी के दिन किए जाने वाले प्रमुख और शुभ कार्यों के बारे में:

नीलकंठ के दर्शन

विजयादशमी पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि दशहरे के दिन नीलकंठ के दर्शन से सुख-समृद्धि तथा सौभाग्य प्राप्त होता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, रावण वध से पहले मार्ग में भगवान राम को नीलकंठ पक्षी के दर्शन हुए थे।

शमी के पेड़ की पूजा

दशहरे पर शमी के पेड़ की पूजा करना शुभ माना जाता है। शमी का संबंध विजय, साहस और समृद्धि से जुड़ा हुआ माना जाता है। इसके अलावा इस दिन घर में शमी का पेड़ भी लगाना चाहिए। मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने शमी के पेड़ में ही अपने अस्त्र-शस्त्र छिपाए थे।

यात्रा पर जाना

विजयादशमी को नई शुरुआत और विजय का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन यात्रा शुरू करना शुभ माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में इसे देवी के प्रस्थान या विजय यात्रा से भी जोड़ा जाता है। इस दिन शुरू की गई यात्रा में सफलता प्राप्त होती है।

नए कारोबार की शुरुआत

भगवान श्रीराम की रावण पर विजय को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में दशहरा नई शुरुआत के लिए बेहद ही शुभ अवसरों में गिना जाता है। विजयादशमी पर नया कारोबार शुरू करने, दुकान का उद्घाटन करने या किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करने से सफलता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

शस्त्र पूजा का महत्व

विजयादशमी पर शस्त्र पूजा करने की परंपरा है। शस्त्र शक्ति, साहस और आत्मरक्षा का प्रतीक है। इस दिन कई जगहों पर लोग अपने काम से जुड़े औजारों, वाहनों, पुस्तकों और उपकरणों की पूजा करते हैं।

रामायण का पाठ

दशहरे के अवसर पर रामायण का पाठ करना शुभ माना जाता है। विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, इसलिए इस दिन रामायण का पाठ करने से भगवान राम की कृपा प्राप्त होती है। रामचरितमानस की चौपाइयों का पाठ भी कर सकते हैं।

दीपदान

विजयादशमी पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इस दिन घर के मुख्य द्वार पर गोधूलि बेला में दीपदान करने से शुभता, सकारात्मकता और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। इस महीने कार्तिक मास की भी शुरुआत हो रही है और इस माह में दीपदान का विशेष महत्व माना जाता है।

पान खाना

दशहरे पर पान खाना कई जगहों में शुभता और विजय का प्रतीक माना जाता है। कुछ धार्मिक परंपराओं में पान को पूजा सामग्री के रूप में शामिल किया जाता है और देवी-देवताओं को पान अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि विजयादशमी पर पान खाने से घर में सुख, शांति बनी रहती है।