दिवाली से पहले डराने लगे दिल्ली-NCR के आंकड़े, ITO का AQI पहुंचा 430, कभी भी लग सकता है GRAP-1|
राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है, जिससे आईटीओ में एक्यूआई 430 दर्ज किया गया और जल्द ग्रैप-1 लागू हो सकता है।
दिल्ली में प्रदूषण और स्मॉग के कारण धुंधली हुई सड़क और मेट्रो का नजारा, जहां हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है।
दिवाली से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने लगा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। शहर का समग्र एयर क्वालिटी इंडेक्स रविवार को 187 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी के ऊपरी स्तर पर है, लेकिन इसके बावजूद शहर की 22 जगहों पर हवा की गुणवत्ता 'खराब' दर्ज की गई।
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में प्रदूषण की स्थिति अलग-अलग रही, जिसमें आईटीओ (ITO) में AQI 430 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है और यह दिल्ली में सबसे अधिक प्रदूषित जगह रही। इसके बाद विवेक विहार में AQI 264, तथा आरके पुरम और जहांगीरपुरी दोनों जगहों पर 262 दर्ज किया गया। इससे पहले 4 अक्टूबर को भी शहर का AQI 187 ही दर्ज किया गया था। वहीं, इस साल 24 जुलाई को AQI 246 ('खराब') दर्ज हुआ था, जब ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से धूल उड़कर दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत तक पहुंच गई थी।
बीते शुक्रवार को बारिश होने के बाद शहर की हवा की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला था और यह सुधरकर 90 यानी 'संतोषजनक' के स्तर पर आ गई थी। हालांकि, बारिश रुकने के बाद स्थिति फिर से बिगड़ने लगी और शनिवार को AQI बढ़कर 159 तक पहुंच गया। हवा की गति धीमी होने की संभावना के चलते AQI के और अधिक बढ़ने के आसार जताए गए हैं। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले ‘एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम’ के अनुसार, सोमवार से बुधवार और आगामी छह दिनों तक AQI के ‘खराब’ श्रेणी में बने रहने की संभावना है। जैसे ही AQI इस श्रेणी में पहुंचता है, ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) का पहला चरण (Stage I) लागू कर दिया जाता है।
दिल्ली की हवा में प्रदूषण के स्रोतों को लेकर ‘डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ (DSS) के आंकड़े सामने आए हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली की हवा में पराली जलाने का असर न के बराबर यानी लगभग 0.2% है, लेकिन बुधवार तक इसके बढ़कर लगभग 12% तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। रविवार को पीएम 2.5 (PM2.5) के स्तर में सबसे बड़ा योगदान शहर के ट्रांसपोर्ट सेक्टर का रहा, जिसकी हिस्सेदारी 23.2% दर्ज की गई। इसके बाद गौतम बुद्ध नगर से 8.7% और गाजियाबाद से 8.4% होने वाला उत्सर्जन शामिल रहा।
मौसम की बात करें तो दिल्ली का अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से थोड़ा कम है। इससे एक दिन पहले अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, और आगामी दो दिनों तक तापमान के 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इसके साथ ही, न्यूनतम तापमान गिरकर 18.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जो इस समय के हिसाब से सामान्य के करीब है। अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान के 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि पिछले साल अक्टूबर महीने में सबसे कम न्यूनतम तापमान 26 अक्टूबर को 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।