सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि किए जाने के संदर्भ में गैस सिलेंडर।

देश में महंगाई के मोर्चे पर एक बार फिर आम जनता और कारोबारियों की जेब पर असर डालने वाली खबर सामने आई है। पेट्रोलियम सेक्टर की सरकारी कंपनियों ने एक बार फिर से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, जिसे आमतौर पर हलवाई सिलेंडर भी कहा जाता है, की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। तेल विपणन कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) द्वारा लागू किए गए ये नए और संशोधित दरें आज यानी एक सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई हैं। हालांकि, इस बार भी आम नागरिकों के लिए राहत की बात यह है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की कीमतों में किसी भी प्रकार के बदलाव की कोई सूचना नहीं है और इसके दाम स्थिर बने हुए हैं।

देश की राजधानी नई दिल्ली की बात करें तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 9.50 रुपये की वृद्धि की है, जिसके बाद दिल्ली में इस सिलेंडर का नया दाम अब 2747.50 रुपये हो गया है। इससे ठीक एक महीने पहले यानी एक अगस्त को इस श्रेणी के सिलेंडर के दाम में 209 रुपये की बड़ी कटौती की गई थी, लेकिन सितंबर की शुरुआत के साथ ही कीमतों में यह नया इजाफा दर्ज किया गया है। महानगरों की बात करें तो विभिन्न शहरों में कमर्शियल सिलेंडर के दाम अलग-अलग दरों से बढ़े हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत पहले 2738 रुपये थी जो अब बढ़कर 2747.50 रुपये पर पहुंच गई है। इसी तरह मुंबई में इस सिलेंडर की कीमत में 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके चलते यह अब 2691 रुपये से बढ़कर 2701 रुपये हो गई है। इसके अलावा चेन्नई में इस कमर्शियल सिलेंडर का दाम 2906 रुपये से बढ़कर 2916.50 रुपये हो गया है, यानी वहां कीमतों में 10.50 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि इस 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का मुख्य रूप से उपयोग होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा चलाने वाले कारोबारी तथा कैटरिंग सर्विसेज प्रदान करने वाले लोग करते हैं, इसलिए इन दरों में बदलाव का सीधा असर व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ता है।

यदि पिछले कुछ महीनों के उतार-चढ़ाव पर नजर डालें तो अगस्त महीने में इन कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में बड़ी राहत मिली थी। एक अगस्त से इस सिलेंडर की कीमतों में 192 रुपये तक की कमी की गई थी, जिसके कारण दिल्ली में इसका दाम 2930 रुपये से घटकर 2738 रुपये पर आ गया था। उससे भी एक महीने पहले यानी एक जुलाई 2026 को भी 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की गई थी। उस समय भी घरेलू 14.2 किलो वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत पूरी तरह अप्रभावित रही थी और उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया था। हालांकि, यदि पूरे साल के रुझान को देखा जाए तो जनवरी से लेकर अब तक कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में भारी अस्थिरता और कुल मिलाकर जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। पिछले साल 1 दिसंबर को इसी 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 1580.50 रुपये थी, जो इस साल एक जनवरी को बढ़कर 1691.50 रुपये हो गई और फरवरी में इसे बढ़ाकर 1740.50 रुपये कर दिया गया।

वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में अंतरराष्ट्रीय कारणों और विशेष रूप से अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से इसकी कीमतों में भारी उछाल आया था। मार्च के महीने में इसकी कीमत में दो बार बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके तहत 1 मार्च को यह 1768.50 रुपये और 7 मार्च को 1883 रुपये पर पहुंच गई थी। इसके बाद 1 अप्रैल को यह बढ़कर 2078.50 रुपये का हो गया और मई के महीने में इसमें 993 रुपये की ऐतिहासिक और भारी बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत सीधे 3,071.50 रुपये के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद जून के महीने में भी इसकी कीमत में 42 रुपये का इजाफा किया गया था। हालांकि जुलाई और अगस्त में क्रमशः 183.50 रुपये और 192 रुपये की कटौतियां जरूर की गईं, लेकिन सितंबर की इस ताजा बढ़ोतरी ने एक बार फिर कीमतों को ऊपर की ओर धकेल दिया है।

दूसरी ओर, घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों का उपयोग करने वाले आम उपभोक्ताओं के लिए स्थिति स्थिर बनी हुई है। हमारे घरों में इस्तेमाल होने वाले सामान्य सिलेंडर में 14.2 किलोग्राम गैस भरी होती है और इस श्रेणी की कीमत में इस महीने भी किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार संशोधन 7 जून 2026 को किया गया था। वर्तमान समय में दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है। इसके अलावा कोलकाता में इसकी कीमत 968 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये पर स्थिर बनी हुई है। कमर्शियल क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को इस हल्की बढ़ोतरी के बाद अपने व्यावसायिक खर्चों को नए सिरे से संतुलित करना होगा, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को इस बार कीमतों के मोर्चे पर पूरी राहत मिली है।