नेपाल बाढ़ संकट: 675 मौतें और 2400 से अधिक लोग लापता, मौसम विभाग ने जारी किया नया अलर्ट
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से 675 लोगों की मौत; मौसम विभाग ने रसुवा, नुवाकोट और चितवन में भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया।
राहत और बचाव दल नेपाल के बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में मलबे के बीच फंसे लोगों के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
नेपाल से लेकर तिब्बत तक हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है, जिससे पूरे क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। विनाशकारी फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड के कारण नेपाल में अब तक 675 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 2,400 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। आपदा के इस विकराल रूप के बाद प्रभावित इलाकों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और प्रशासन द्वारा लगातार राहत व बचाव कार्य किए जा रहे हैं।
आपदा का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है क्योंकि नेपाल के मौसम विभाग ने एक बार फिर चेतावनी जारी कर दी है। मौसम विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज के साथ छींके पड़ने और बाढ़ का नया अलर्ट जारी किया है। जिन इलाकों में अभी भी मलबे के नीचे अपनों की तलाश जारी है, वहां दोबारा आसमान से आफत बरसने की आशंका ने लोगों और प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेष रूप से भोटे कोशी नदी का जलस्तर और बहाव एक बार फिर बढ़ने की सूचना मिली है।
भोटे कोशी नदी के बढ़ते जलप्रवाह के कारण रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इन क्षेत्रों के प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव दल पूरी मुस्तैदी और युद्धस्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। मलबे और पानी के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष अभियान जारी है।
अब तक चलाए गए बचाव अभियानों के दौरान करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। राहत की बात यह है कि बचाए गए इन लोगों में 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि संभावित खतरे से पहले लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और लापता लोगों की तलाश तेजी से पूरी की जा सके।