तस्वीर में खेत में फसलें दिख रही हैं, जहां मौसम की अनिश्चितता से निपटने के लिए तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

खेती में उर्वरकों और फसल प्रबंधन के तमाम उपायों के बावजूद मौसम की अनिश्चितता फसलों तक पानी और पोषक तत्वों की उपलब्धता को प्रभावित कर सकती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए IntelliGel तकनीक पर काम किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मिट्टी में नमी और पोषक तत्वों को बनाए रखकर बढ़ती जड़ों तक उनकी उपलब्धता बेहतर करना है।

Iowa Agribusiness Radio Network में 26 अक्टूबर 2026 को Dustin Hoffmann की प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, Green Evolution Technologies का IntelliGel उत्पाद मिट्टी में नमी और पोषक तत्वों को बनाए रखने के लिए पॉलिमर तकनीक का इस्तेमाल करता है। कंपनी के मृदा वैज्ञानिक और मुख्य कृषि विज्ञानी डॉ. Chad Godsey ने बताया कि यह तकनीक किस तरह काम करने के लिए तैयार की गई है।

Godsey ने मिट्टी में मौजूद इस पॉलिमर की तुलना स्पंज से की। उनके अनुसार, मिट्टी में नमी उपलब्ध होने पर यह पॉलिमर पानी और उसमें घुले पोषक तत्वों को सोख सकता है। मिट्टी सूखने लगने पर यह उन्हें दोबारा छोड़ सकता है। इसका उद्देश्य प्रतिकूल होती बढ़ती परिस्थितियों में भी फसलों के लिए पानी और पोषक तत्वों की उपलब्धता बनाए रखने में मदद करना है।

हालांकि, नमी और पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से बनाए रखने की संभावित उपयोगिता के साथ किसानों को यह भी देखना होगा कि नई तकनीक उनके मौजूदा कृषि उपकरणों और खेती के प्रबंधन तरीकों के अनुकूल है या नहीं।

Godsey के मुताबिक, IntelliGel का इस्तेमाल कई तरीकों से किया जा सकता है। इनमें स्ट्रिप टिलेज, बुवाई के उपकरणों के माध्यम से प्रयोग, खेत में छिड़काव और एयर सीडर के जरिए इसका उपयोग शामिल है। इन विकल्पों से किसानों को अपने खेतों में अपनाई जाने वाली कृषि पद्धतियों के अनुसार तकनीक के इस्तेमाल का अवसर मिल सकता है।

इस तकनीक की वास्तविक उपयोगिता का आकलन अंततः इस बात से होगा कि नमी और पोषक तत्वों को बनाए रखने में होने वाले सुधार से किसानों को अतिरिक्त खर्च की तुलना में कितना लाभ मिलता है। कृषि में विभिन्न इनपुट पर पहले से दबाव झेल रहे किसानों के लिए किसी भी नई तकनीक को खेतों में अपना मूल्य और प्रभाव साबित करना होगा।