मैसूर: अवंत बीकेजी हॉस्पिटल्स में एआई आधारित HD IVUS तकनीक शुरू
सांसद यदुवीर वाडियार ने नई तकनीक का उद्घाटन किया, जिससे मरीजों को जटिल हृदय उपचार और स्टेंटिंग के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
मैसूर के अवंत बीकेजी हॉस्पिटल्स में सांसद यदुवीर वाडियार ने नई एचडी आईवीयूएस तकनीक का उद्घाटन किया।
मैसूर में हृदय रोगों के उन्नत उपचार की दिशा में नई तकनीक की शुरुआत हुई है। मैसूर-कोडगु के सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार ने अवंत बीकेजी हॉस्पिटल्स में अगली पीढ़ी की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित हाई-डेफिनिशन इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड (HD IVUS) तकनीक का शुभारंभ किया। अस्पताल ने मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी सर्विसेज (MICS) शुरू करने की योजना की भी घोषणा की है। इन पहलों से मैसूर और आसपास के क्षेत्रों में मरीजों के लिए उन्नत हृदय उपचार के विकल्पों का विस्तार होगा।
24 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इस तकनीक का शुभारंभ एक दिन पहले अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर अस्पताल के प्रबंध निदेशक और मुख्य ऑर्थोपेडिक रोबोटिक सर्जन डॉ. टी.एन. बालकृष्ण गौड़ा, कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक एवं मुख्य इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. जे. राजगोपाल तथा कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग के निदेशक और वरिष्ठ सर्जन डॉ. एस.सी. मधुप्रकाश उपस्थित रहे।
सांसद यदुवीर वाडियार ने मैसूर में उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास को क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष उपचार तक पहुंच बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि IVUS जैसी तकनीकों की शुरुआत और न्यूनतम चीर-फाड़ वाली हृदय सर्जरी सेवाओं का विकास मरीजों को अपने शहर और आसपास के जिलों में ही उन्नत हृदय उपचार उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इससे कई जटिल प्रक्रियाओं के लिए बड़े महानगरों की यात्रा करने की आवश्यकता कम हो सकेगी।
डॉ. बालकृष्ण गौड़ा ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य मैसूर को उन्नत चिकित्सा देखभाल के केंद्र के रूप में विकसित करना है। आधुनिक IVUS तकनीक में निवेश के साथ MICS सेवाएं शुरू करने की योजना पात्र मरीजों के लिए उपचार के विकल्प बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकीय अनुभव, आधुनिक बुनियादी ढांचे और व्यापक देखभाल को एक साथ लाकर मैसूर तथा पड़ोसी जिलों के लोगों के लिए उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने का लक्ष्य है।
कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. जे. राजगोपाल ने बताया कि इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में सटीकता बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर जटिल कोरोनरी आर्टरी डिजीज के उपचार के दौरान। IVUS तकनीक रक्त वाहिका के भीतर की विस्तृत तस्वीर उपलब्ध कराती है। इससे वाहिका के आंतरिक आकार, प्लाक की विशेषताओं तथा स्टेंट की स्थिति और उसके फैलाव का आकलन किया जा सकता है। यह तकनीक स्टेंट लगाने की प्रक्रिया को अधिक सटीक तरीके से निर्देशित करने में मदद करती है और जटिल एंजियोप्लास्टी की बेहतर योजना बनाने तथा उसे अधिक आत्मविश्वास के साथ करने की क्षमता बढ़ाती है।
डॉ. एस.सी. मधुप्रकाश ने कहा कि व्यापक हृदय देखभाल का अर्थ मरीज की व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार सही उपचार उपलब्ध कराना है। इसमें कैथेटर आधारित उपचार, हृदय वाल्व की मरम्मत या उसे बदलना, बाईपास सर्जरी अथवा अन्य विशेष सर्जिकल प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित MICS सेवाओं से उपयुक्त मरीजों के लिए उपचार के विकल्प और बढ़ेंगे। जहां चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त होगा, वहां सर्जरी से होने वाली शारीरिक क्षति और ऊतकों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
HD IVUS तकनीक की शुरुआत और MICS सेवाएं शुरू करने की योजना के साथ अवंत बीकेजी हॉस्पिटल्स ने मैसूर तथा आसपास के जिलों में उन्नत हृदय उपचार की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है। नई तकनीक से जटिल कोरोनरी रोगों के आकलन और स्टेंट लगाने की सटीकता को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जबकि प्रस्तावित न्यूनतम चीर-फाड़ वाली सर्जरी सेवाएं पात्र मरीजों के लिए उपचार के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण होंगी।