न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे T20I की प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने के बाद ट्रेनिंग सेशन के दौरान भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी।

भारतीय क्रिकेट टीम में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की भूमिका को लेकर पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने टीम प्रबंधन के फैसले पर सवाल उठाए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में वैभव को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखे जाने पर चोपड़ा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि टीम उन्हें नियमित मौके देने की योजना नहीं बना रही है तो उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए वापस भेज देना चाहिए।

आकाश चोपड़ा ने गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले भारतीय टीम प्रबंधन से वैभव सूर्यवंशी की भूमिका और टीम में उनके भविष्य को लेकर स्पष्ट योजना सामने रखने की मांग की। उनका मानना है कि वैभव को केवल तभी टीम में शामिल नहीं किया जाना चाहिए, जब कोई स्थापित खिलाड़ी चोटिल हो या उपलब्ध न हो। यदि उन्हें भारतीय टीम की तत्काल योजनाओं में जगह नहीं मिल रही है तो प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने से उन्हें अधिक मैच अनुभव और मैदान पर बल्लेबाजी करने का पर्याप्त समय मिल सकता है।

वैभव सूर्यवंशी को न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे और तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में खेलने का अवसर मिला था। उस समय ईशान किशन चोट के कारण टीम से बाहर थे। वैभव ने इन दोनों मुकाबलों में क्रमशः 4 और 45 रन बनाए। इसके बाद ईशान किशन की टीम में वापसी हुई और चौथे मुकाबले में वैभव को बाहर बैठना पड़ा।

आकाश चोपड़ा ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि चौथा टी20 मुकाबला सीरीज के लिहाज से औपचारिकता भर था। ऐसे में वैभव को बाहर रखने का निर्णय टीम की युवा बल्लेबाज को लेकर बनाई गई योजना पर सवाल खड़े करता है।

अपने यूट्यूब चैनल पर इस मुद्दे पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा, "पिछले मैच में अभिषेक ने 100 रन बनाए और वैभव अपना अर्धशतक पूरा करने से चूक गए। लेकिन बल्लेबाजी बहुत अच्छी रही थी। इसके बाद सवाल यह था कि अगर ईशान फिट हैं तो बाहर कौन जाएगा। अगर आप इस बारे में तार्किक रूप से सोचते हैं तो जवाब वैभव सूर्यवंशी है, क्योंकि उन्होंने चोटिल ईशान किशन की जगह ली थी। लेकिन यह मुकाबला औपचारिकता भर था।"

उन्होंने आगे कहा कि वैभव को केवल किसी दूसरे खिलाड़ी की चोट या अनुपलब्धता की स्थिति में ही खिलाने की नीति उचित नहीं है। चोपड़ा ने कहा, "वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने का फैसला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या आप वैभव को तभी खिलाएंगे, जब कोई खिलाड़ी चोटिल हो या उपलब्ध न हो? अगर ऐसा है तो आप उन्हें घर भेज सकते हैं। उनसे कह सकते हैं कि जाकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलें। बेशक, भारतीय ड्रेसिंग रूम में रहकर भी वह सीख सकते हैं। लेकिन अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करने का अवसर मिलना चाहिए।"

आकाश चोपड़ा ने भारतीय टीम प्रबंधन से वैभव के भविष्य को लेकर अपनी सोच और योजना सार्वजनिक करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि संभव है टीम प्रबंधन ने उनके लिए पहले से कोई योजना तैयार कर रखी हो, लेकिन इस बारे में अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

चोपड़ा ने कहा, "टीम को सामने आकर बताना चाहिए कि वैभव को लेकर उसकी क्या योजना और सोच है। हो सकता है कि उन्होंने इस बारे में पहले ही विचार कर लिया हो और योजना भी बना ली हो, लेकिन उन्होंने किसी को इसके बारे में नहीं बताया है। ऐसे में हमें नहीं पता कि वे वैभव सूर्यवंशी के साथ क्या करने वाले हैं। उन्हें टीम से बाहर रखना थोड़ा निराशाजनक था।"

वहीं, चौथे टी20 मुकाबले में वापसी करने वाले ईशान किशन बिना खाता खोले आउट हो गए। भारतीय टीम न्यूजीलैंड की ओर से दिए गए 260 रन के लक्ष्य का पीछा नहीं कर सकी और निर्धारित प्रयास के बाद 9 विकेट पर 172 रन ही बना पाई।

वैभव सूर्यवंशी को लगातार खेलने के अवसर देने या घरेलू क्रिकेट में भेजने को लेकर आकाश चोपड़ा की टिप्पणी ने भारतीय टीम प्रबंधन के सामने युवा खिलाड़ी की भूमिका और भविष्य की योजना स्पष्ट करने का सवाल खड़ा कर दिया है।