सफेद जर्सी पहने भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच से पहले अभ्यास करते हुए।

भारतीय क्रिकेट टीम जल्द ही एक ऐतिहासिक और बेहद गौरवशाली मुकाम हासिल करने जा रही है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए भारतीय टीम 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने मैदान पर उतरेगी। इस सीरीज का सबसे पहला मुकाबला श्रीलंका के गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा क्योंकि यह भारत का कुल 600वां टेस्ट मैच होगा।

इस ऐतिहासिक मैच के मैदान पर उतरने के साथ ही भारतीय टीम एक नया और बड़ा कीर्तिमान स्थापित कर देगी। भारत अब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बाद अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में 600 या उससे अधिक मैच खेलने वाली दुनिया की केवल तीसरी टीम बन जाएगी। भारतीय क्रिकेट टीम ने साल 1932 में अपने टेस्ट सफर की शुरुआत की थी और अब तक खेले गए कुल 599 मैचों में टीम ने 186 मुकाबलों में शानदार जीत हासिल की है, जबकि 188 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है और 224 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम दर्ज है, जिसने साल 1877 से अब तक कुल 1,097 मुकाबले खेले हैं। इस सूची में ऑस्ट्रेलिया 882 मैचों के साथ दूसरे पायदान पर मौजूद है। अगर टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा जीत दर्ज करने की बात की जाए, तो इस मामले में ऑस्ट्रेलिया सबसे आगे है जिसने 426 मैच जीते हैं, जबकि इंग्लैंड ने 405 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। दक्षिण अफ्रीका ने 191 और वेस्टइंडीज ने 187 मैच जीते हैं, जो जीत के आंकड़ों में भारत से थोड़ा आगे हैं, लेकिन आगामी सीरीज में भारतीय टीम के पास अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने का सुनहरा मौका होगा।

श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम का टेस्ट रिकॉर्ड काफी मजबूत और शानदार रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 46 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं, जिनमें से भारत ने 22 मुकाबलों में बाजी मारी है। इसके विपरीत, श्रीलंका की टीम सिर्फ 7 मैचों में ही जीत दर्ज कर सकी है, जबकि 17 मुकाबले बेनतीजा यानी ड्रॉ रहे हैं। इसके अलावा श्रीलंका की धरती पर खेले गए 24 मैचों में से भारत ने 9 मुकाबलों में जीत का परचम लहराया है, जबकि 7 मैचों में उसे हार मिली है। कप्तान शुभमन गिल के नेतृत्व में उतरने वाली यह युवा और अनुभवी भारतीय टीम इस ऐतिहासिक सीरीज को जीतकर अपने टेस्ट इतिहास के इस खास मौके को और भी ज्यादा यादगार बनाना चाहेगी।