ब्राजीलियाई फुटबॉल के एक स्वर्णिम युग का अंत! नेमार जूनियर के संन्यास के ऐलान से सहमे दुनिया भर के फैंस|
ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार जूनियर ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी है, जिसके बाद उनके 16 साल लंबे करियर का अंत हो गया है।
ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार जूनियर ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
ब्राजील के फुटबॉल जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और ऐतिहासिक खबर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों को स्तब्ध कर दिया है। ब्राजील के सबसे चमकदार सितारों में शुमार नेमार जूनियर ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। उनके इस फैसले के साथ ही ब्राजीलियन फुटबॉल के एक स्वर्णिम युग का औपचारिक अंत हो गया है। नेमार के इस ऐलान ने उनके करोड़ों प्रशंसकों को मायूस कर दिया है, क्योंकि पीले रंग की जर्सी में मैदान पर जादू बिखेरने वाला यह खिलाड़ी अब कभी भी अपने देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलता हुआ नजर नहीं आएगा।
इस संन्यास की घोषणा की पृष्ठभूमि हाल ही में संपन्न हुआ फीफा विश्व कप 2026 बना है, जहां ब्राजील की टीम का सफर प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में नॉर्वे के खिलाफ हार के साथ समाप्त हो गया था। उस कड़े मुकाबले के अंतिम क्षणों में नेमार ने पेनल्टी पर एक शानदार गोल दागा था, जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 80वां गोल साबित हुआ। हालांकि वह अपनी टीम को टूर्नामेंट से बाहर होने से नहीं बचा सके। उस हार के तुरंत बाद ही नेमार ने संकेत दे दिए थे कि उनका अंतरराष्ट्रीय सफर अब थमने की कगार पर है। आखिरकार, 34 वर्षीय इस दिग्गज खिलाड़ी ने कोपा सुदामेरिकाना में सैंटोस की चार-दो से जीत के बाद अपने इस फैसले पर मुहर लगा दी।
नेमार ने अपने संन्यास की घोषणा करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय टीम के साथ उनका समय अब पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। उन्होंने अपने सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने मैदान पर इतिहास रचा, अनगिनत खुशियां हासिल कीं और हमेशा अपनी पीली जर्सी के लिए अपना सौ प्रतिशत योगदान दिया। अपने पिता नेमार दा सिल्वा सैंटोस सीनियर की ओर से खेल जारी रखने की तमाम अपीलों और सलाह के बावजूद नेमार अपने निर्णय पर अडिग रहे और कहा कि उन्होंने अपनी शुरुआत यहीं से की थी और अब यहीं पर इसका अंत कर रहे हैं।
नेमार का यह अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग 16 साल लंबा रहा, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए एक मिसाल है। वर्ष 1992 में जन्मे नेमार ने साल 2010 में संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने ब्राजील के लिए कुल 130 मैच खेले, जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड 80 गोल दागने के साथ-साथ 59 असिस्ट भी अपने नाम किए। हालांकि उनके शानदार करियर में एक बड़ी कसक यह रही कि वह अपने देश के लिए कभी भी फीफा विश्व कप का खिताब नहीं जीत सके। इसके बावजूद, वह फीफा कॉन्फेडेरेशन कप 2013 जीतने वाली ब्राजीलियन टीम का अहम हिस्सा रहे और साल 2016 में उनकी कप्तानी में ब्राजील ने ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था।
उनके करियर के अंतिम पड़ाव पर फिटनेस और चोटों ने भी उनका काफी इम्तिहान लिया। साल 2024 और 2025 के दौरान नेमार ने कोई भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला था, लेकिन इसके बावजूद उनकी काबिलियत और अनुभव को देखते हुए उन्हें फीफा विश्व कप 2026 के लिए टीम में चुना गया था। टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में वह चोट के कारण बाहर रहे, जिसके बाद उन्होंने स्कॉटलैंड और नॉर्वे के खिलाफ मुकाबलों में सब्सीट्यूट के रूप में मैदान पर वापसी की थी। अंततः, अंतरराष्ट्रीय मंच पर अनगिनत यादें और रिकॉर्ड्स छोड़कर नेमार ने खेल के इस प्रारूप को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है।