CWG 2026: लवप्रीत सिंह ने +110 किग्रा वेटलिफ्टिंग में जीता रजत, आखिरी लिफ्ट ने छीना स्वर्ण

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लवप्रीत सिंह ने पुरुषों की +110 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीता, लेकिन न्यूज़ीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी की आखिरी लिफ्ट ने स्वर्ण छीन लिया। वहीं अनिमेष कुजूर, तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल पदक की दौड़ से बाहर रहे।

Update: 2026-07-31 10:07 GMT

तस्वीर में भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भारी वजन उठाते हुए नजर आ रहे हैं।

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने पुरुषों की +110 किलोग्राम हैवीवेट स्पर्धा में रजत पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ी पूरे मुकाबले में स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार नजर आए, लेकिन न्यूज़ीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी की आखिरी क्लीन एंड जर्क कोशिश ने मुकाबले का परिणाम बदल दिया।

लवप्रीत सिंह ने पूरे मुकाबले के दौरान बेहतरीन निरंतरता और संयम का प्रदर्शन किया। उन्होंने स्नैच के अपने तीनों प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए और 176 किलोग्राम वजन उठाकर बढ़त बना ली। अधिकांश समय तक वह प्रतिस्पर्धा में शीर्ष पर बने रहे।

हालांकि, मुकाबले के अंतिम चरण में डेविड एंड्रयू लिटी ने अपने आखिरी क्लीन एंड जर्क प्रयास में 223 किलोग्राम वजन उठाकर शानदार वापसी की। न्यूज़ीलैंड के खिलाड़ी ने एक ही प्रयास में 15 किलोग्राम का अंतर समाप्त कर दिया और कुल योग में लवप्रीत सिंह को मात्र एक किलोग्राम से पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय खिलाड़ी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

यह रजत पदक लवप्रीत सिंह के लिए 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में जीते गए कांस्य पदक से एक बेहतर उपलब्धि है। उनके इस पदक के साथ ही 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का वेटलिफ्टिंग और पैरा-वेटलिफ्टिंग अभियान समाप्त हुआ। दोनों स्पर्धाओं को मिलाकर भारत ने कुल नौ पदक हासिल किए।

पंजाब के सीमावर्ती जिला अमृतसर के बल सिकंदर गांव में जन्मे लवप्रीत सिंह साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता दर्जी का काम करते थे, जबकि उनके दादा सब्जियां बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार के सहयोग से उन्होंने पारंपरिक पारिवारिक व्यवसाय अपनाने के बजाय खेलों में करियर बनाने का फैसला किया। उन्होंने 13 वर्ष की आयु में डीएवी ग्राउंड पर वेटलिफ्टिंग का प्रशिक्षण शुरू किया और आगे चलकर भारत के शीर्ष हैवीवेट वेटलिफ्टरों में अपनी पहचान बनाई।

ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में भारत के धावक अनिमेष कुजूर का अभियान गुरुवार को पुरुषों की 200 मीटर स्पर्धा के सेमीफाइनल में समाप्त हो गया। 23 वर्षीय अनिमेष कुजूर ने दूसरे सेमीफाइनल में 20.65 सेकंड का समय लेकर छठा स्थान हासिल किया। कुल 24 धावकों में वह 17वें स्थान पर रहे और फाइनल में जगह नहीं बना सके। उनका सेमीफाइनल समय उनके सीजन के सर्वश्रेष्ठ 20.46 सेकंड से धीमा रहा, जिसके दम पर उन्होंने अपनी हीट जीतकर सातवें स्थान के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था।

वहीं, ग्लासगो के स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में आयोजित पुरुषों की शॉट पुट फाइनल में भारतीय खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल ने भी पूरा प्रयास किया, लेकिन पदक जीतने से चूक गए। तजिंदरपाल सिंह तूर ने 20.27 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पांचवां स्थान हासिल किया, जबकि समरदीप सिंह गिल ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ 20.03 मीटर का थ्रो दर्ज करते हुए सातवें स्थान पर प्रतियोगिता समाप्त की।

लवप्रीत सिंह का रजत पदक भारत के वेटलिफ्टिंग अभियान का समापन करने वाला अहम प्रदर्शन रहा, जबकि ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों को फाइनल और पदक की दौड़ में सफलता नहीं मिल सकी।

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