तस्वीर में स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर वडोदरा वनडे के बाद चर्चा में हैं।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर शानदार जीत दर्ज की, लेकिन सीरीज के आखिरी मुकाबले के बाद कप्तान स्मृति मंधाना और पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर के बीच हैंडशेक नहीं होने की घटना चर्चा का विषय बन गई। इस घटनाक्रम के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच सब कुछ ठीक होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, दोनों के बीच हैंडशेक नहीं होने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

28 अक्टूबर, बुधवार को वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने जिम्बाब्वे को 8 विकेट से हराया। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में मेहमान टीम का 3-0 से सफाया कर दिया। भारत को जीत के लिए 132 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे टीम ने 17 ओवर में हासिल कर लिया।

मैच के बाद खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक के दौरान हरमनप्रीत कौर मौजूदा कप्तान स्मृति मंधाना के पास पहुंचीं। उस समय स्मृति दूसरी ओर देखती नजर आईं और दोनों खिलाड़ियों के बीच पारंपरिक हैंडशेक नहीं हो पाया। यह घटनाक्रम कुछ ही सेकंड का था, लेकिन भारतीय महिला क्रिकेट की इन दो प्रमुख खिलाड़ियों से जुड़ा होने के कारण इसने सभी का ध्यान खींचा। इसके बाद कुछ लोगों ने दोनों खिलाड़ियों के बीच संभावित अनबन को लेकर अटकलें लगानी शुरू कर दीं।

हालांकि, सीरीज के दूसरे वनडे मुकाबले में हरमनप्रीत कौर की शानदार बल्लेबाजी के दौरान स्मृति मंधाना ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया था। हरमनप्रीत ने उस मुकाबले में 121 गेंदों पर 126 रनों की पारी खेली थी। ऐसे में तीसरे वनडे के बाद हैंडशेक नहीं होने की घटना ने दोनों खिलाड़ियों के संबंधों को लेकर चर्चा को हवा दे दी। फिलहाल, इस घटनाक्रम के पीछे की वजह सामने नहीं आई है।

वैष्णवी शर्मा ने झटके पांच विकेट

तीसरे वनडे मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम 39.5 ओवर में 131 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारत की बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट हासिल किए। वनडे इंटरनेशनल में यह उनका पहला पांच विकेट हॉल रहा।

132 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। यास्तिका भाटिया पहली ही गेंद पर आउट हो गईं, जबकि हरलीन देओल 19 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद प्रतीका रावल और शेफाली वर्मा ने पारी को संभाला और नाबाद अर्धशतकीय पारियां खेलकर भारत को जीत तक पहुंचाया।

प्रतीका रावल ने 56 गेंदों पर चार चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 59 रन बनाए। वहीं, शेफाली वर्मा ने 26 गेंदों पर छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 51 रन की तेज पारी खेली।

इससे पहले भारतीय टीम ने पहला वनडे 9 विकेट और दूसरा वनडे 121 रनों से जीता था। वनडे सीरीज से पहले भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज भी 3-0 से अपने नाम की थी।

जिम्बाब्वे के खिलाफ दोनों सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन ने जीत का सिलसिला कायम रखा। हालांकि, वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले के बाद स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के बीच हैंडशेक नहीं होने की घटना ने क्रिकेट के मैदान पर एक अलग चर्चा छेड़ दी है। इस घटनाक्रम की वजह स्पष्ट नहीं होने के कारण दोनों खिलाड़ियों के बीच संबंधों को लेकर उठ रहे सवालों पर अभी स्थिति साफ नहीं है।