तस्वीर में भारतीय एथलीट रोहित यादव नीली जर्सी पहनकर स्टेडियम में भाला फेंकते हुए।

साल 2026 भारतीय जेवलिन थ्रो स्टार्स के लिए दमदार रहा है। नीरज चोपड़ा इस साल सबसे दूर भाला फेंकने वाले भारतीय जेवलिन थ्रोअर हैं, जबकि रोहित यादव दूसरे स्थान पर हैं। भारत के 10 जेवलिन थ्रोअर इस साल 80 मीटर का आंकड़ा पार करने में सफल रहे हैं। इनमें अर्शदीप भी शामिल हैं, जिन्होंने 80 मीटर का मार्क पार किया है।

नीरज चोपड़ा और यशवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए सिल्वर और ब्रॉन्ज जीता था। इसके बाद रोहित यादव ने भुवनेश्वर में अगस्त में 87.88 मीटर का थ्रो करके सनसनी मचा दी थी। हालांकि, इस साल भारत के लिए सबसे दूर भाला फेंकने वाले थ्रोअर की सूची में नीरज चोपड़ा शीर्ष पर हैं।

रोहित, यशवीर और सचिन के बीच लगातार रेस चल रही है। देखना दिलचस्प होने वाला है कि इन तीनों में से कौन सबसे पहले 90 मीटर के आंकड़े को पार करता है। हालांकि, तीनों इस साल इसके करीब जरूर आए हैं। रोहित ने दिल्ली में इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज में गोल्ड जीतने के बाद अपना अगला टारगेट बताते हुए कहा था कि वह अपने पर्सनल बेस्ट से 1-2 मीटर आगे जाना चाहते हैं।

रोहित बीते कुछ समय से भारतीय जेवलिन में तेजी से आगे बढ़े हैं। सचिन भी पीछे नहीं हैं। रोहित इस साल भारत के लिए दूसरे सबसे दूर भाला फेंकने वाले थ्रोअर हैं। इस सूची में शीर्ष पर नीरज चोपड़ा हैं।

नीरज चोपड़ा ने लुसान डायमंड लीग में 88.05 मीटर का थ्रो किया था, जो साल का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसके बाद रोहित यादव का नंबर आता है। भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट के दौरान रोहित यादव ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में अपने आखिरी प्रयास में 87.68 मीटर की शानदार दूरी तक भाला फेंककर गोल्ड मेडल जीता था। यह भारत के लिए जेवलिन में साल का दूसरा बेहतर प्रदर्शन है।

इस सूची में तीसरे स्थान पर यशवीर हैं, जिन्होंने ग्लासगो में 85.41 मीटर का थ्रो करके ब्रॉन्ज अपने नाम किया था। वहीं सचिन यादव ने जून 2026 में भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में 82.32 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था।

नीरज चोपड़ा चोटिल होने के चलते साल के बाकी बचे सीजन से बाहर हो गए हैं। ऐसे में रोहित यादव और सचिन के लिए उनकी गैरमौजूदगी में अपना जलवा दिखाने का बेहतर मौका है। 90 मीटर का आंकड़ा पार करने की रेस में रोहित, यशवीर और सचिन की चुनौती अब और अहम हो गई है।

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