आईपीएल के संदर्भ में शुभमन गिल और हार्दिक पंड्या की तुलना करते हुए आशीष नेहरा ने दोनों के स्वभाव और कप्तानी शैली में अंतर बताया।

आईपीएल में गुजरात टाइटंस के हेड कोच आशीष नेहरा ने टीम के पूर्व कप्तान हार्दिक पंड्या और मौजूदा कप्तान शुभमन गिल के बीच अंतर पर अपनी राय रखी है। नेहरा ने दोनों खिलाड़ियों के व्यक्तित्व और कप्तानी के तरीके की तुलना करते हुए कहा कि दोनों एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। उन्होंने इस अंतर को समझाने के लिए दोनों को नॉर्थ पोल और साउथ पोल तक कहा।

गुजरात टाइटंस ने आईपीएल में 2022 में कदम रखा था। टीम की कमान उस समय हार्दिक पंड्या के हाथों में थी। अपने पहले ही सीजन में गुजरात टाइटंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद 2023 में भी हार्दिक की कप्तानी में टीम फाइनल तक पहुंची थी। हालांकि, 2024 सीजन शुरू होने से पहले हार्दिक पंड्या गुजरात टाइटंस का साथ छोड़कर अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी में लौट गए। इसके बाद गुजरात की कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई।

आशीष नेहरा का मानना है कि शुभमन गिल अभी कप्तानी की बारीकियां सीख रहे हैं और अनुभव के साथ उनके नेतृत्व में और निखार आएगा। उन्होंने कहा कि हार्दिक पंड्या और शुभमन गिल बिल्कुल अलग तरह के खिलाड़ी और व्यक्ति हैं। नेहरा ने दोनों की तुलना नॉर्थ पोल और साउथ पोल से करते हुए बताया कि दोनों ने अपने शुरुआती दौर में बहुत ज्यादा कोचिंग या कप्तानी नहीं की थी, लेकिन समय के साथ उन्होंने चीजें सीखीं।

नेहरा ने कहा कि आगे बढ़ते हुए इंसान अनुभव से सीखता है। उन्होंने यह भी बताया कि एक समय ऐसा आता है जब खिलाड़ी अचानक भारत जैसी बड़ी टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने लगता है। उनके मुताबिक, शुभमन गिल भी अभी इसी सीखने के दौर से गुजर रहे हैं और आने वाले समय में अनुभव के साथ बेहतर कप्तान बन सकते हैं।

हार्दिक पंड्या के बारे में बात करते हुए आशीष नेहरा ने कहा कि वह उन पर पूरा भरोसा करते थे। नेहरा के अनुसार, हार्दिक हमेशा नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहते थे। अगर किसी चीज में परेशानी होती या कुछ ठीक नहीं होता, तो वह सवाल पूछते थे और उस पर चर्चा करते थे। नेहरा ने कहा कि हार्दिक ऐसे व्यक्ति हैं, जिनसे आप काफी बातें कर सकते हैं।

वहीं शुभमन गिल के स्वभाव को लेकर नेहरा ने कहा कि वह हार्दिक की तुलना में ज्यादा शांत और थोड़े शर्मीले हैं। हालांकि, नेहरा के मुताबिक इसमें कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि हर व्यक्ति का स्वभाव अलग होता है। उन्होंने कहा कि गिल ज्यादा बातें नहीं करते, लेकिन जब बोलते हैं तो काम की बात करते हैं।

नेहरा ने यह भी कहा कि शुभमन गिल लगातार सीखने और चीजों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। वह अभी खुद को बेहतर बनाने के दौर में हैं। नेहरा ने गिल की उम्र और कप्तानी के अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वह अभी सिर्फ 26-27 साल के हैं और उन्होंने कई वर्षों तक कप्तानी नहीं की है। उन्हें कप्तानी करते हुए अभी केवल एक-दो सीजन ही हुए हैं।

आशीष नेहरा के मुताबिक, कप्तानी भी एक ऐसी जिम्मेदारी है जिसे समय के साथ सीखा जाता है। जैसे-जैसे किसी खिलाड़ी को ज्यादा अनुभव मिलता है, वह परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझने लगता है और उसके फैसलों में भी सुधार आता है। शुभमन गिल के मामले में भी नेहरा को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में अनुभव के साथ उनकी कप्तानी और मजबूत होगी।