चोट के कारण न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर हुए ईशान किशन, क्या टीम इंडिया को खलेगी इस नंबर-1 बल्लेबाज की कमी?
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव के कारण भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन सीरीज के दूसरे मुकाबले से बाहर हो गए हैं।
भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन नीली जर्सी पहनकर मैदान पर बल्लेबाजी करते हुए, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज के बीच एक बड़ा झटका लगा है। टीम के विस्फोटक बल्लेबाज और टी20 रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज ईशान किशन चोटिल होने के कारण सीरीज के दूसरे मुकाबले से बाहर हो गए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च में खेले गए पहले मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 226 रनों के बड़े लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया था, लेकिन इस मैच के दौरान ईशान किशन को शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा था।
बीसीसीआई की ओर से आधिकारिक अपडेट साझा करते हुए बताया गया है कि ईशान किशन को सीरीज के पहले टी20 इंटरनेशनल मैच के दौरान दाहिने पैर में 'लो ग्रेड एडक्टर स्ट्रेन' यानी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया है। इस वजह से वह आगामी दूसरे मैच में चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। फिलहाल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की मेडिकल टीम लगातार उनकी चोट और स्वास्थ्य स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है ताकि उनके ठीक होने की प्रक्रिया पर काम किया जा सके।
गौरतलब है कि पहले मुकाबले में ईशान अपनी सामान्य बल्लेबाजी क्रम से हटकर मैदान पर उतरे थे। वह अमूमन भारत के लिए तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन उस मैच में तिलक वर्मा को तीसरे नंबर पर भेजा गया जबकि ईशान पांचवें नंबर पर उतरे थे। हालांकि उस समय किसी को इस बदलाव की असली वजह स्पष्ट नहीं थी। उस मैच में वह तीन गेंदों पर केवल एक रन ही बना सके थे, लेकिन इसके बावजूद वह इस फॉर्मेट में टीम के बेहद अहम खिलाड़ी हैं और आईसीसी टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में वर्तमान में नंबर-1 पायदान पर हैं।
इसी साल भारतीय टीम में शानदार वापसी करने वाले ईशान किशन का बल्ला इस वर्ष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जमकर बोला है। साल 2026 में उन्होंने अब तक खेले गए 35 मैचों में 36 की औसत और 171 के शानदार स्ट्राइक रेट से कुल 1159 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा टी20 विश्व कप 2026 में भी वह संजू सैमसन के बाद भारत के लिए दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। उनके बाहर होने से टीम को एक बड़ा अनुभव और आक्रामक विकल्प कुछ समय के लिए गंवाना पड़ा है।