पुर्तगाल फुटबॉल संघ ने शिविर छोड़ने पर रोनाल्डो पर जुर्माना लगाया।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर पुर्तगाल फुटबॉल संघ की अनुशासनात्मक कार्रवाई सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। राष्ट्रीय टीम का शिविर बीच में छोड़ने के मामले में संघ ने स्टार फुटबॉलर पर 255 यूरो (करीब 27 हजार रुपये) का जुर्माना लगाने के साथ 30 दिन का निलंबन भी लगाया है। हालांकि, निलंबन की अवधि एक अक्टूबर से लागू मानी गई है, जिसके चलते रोनाल्डो इसके 19 दिन पहले ही पूरे कर चुके हैं। ऐसे में उनके पुर्तगाल के अगले मुकाबले से बाहर रहने की संभावना नहीं है।

255 यूरो के जुर्माने पर उठे सवाल

दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल रोनाल्डो पर लगाए गए 255 यूरो के जुर्माने को प्रशंसक बेहद मामूली मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने पुर्तगाल फुटबॉल संघ के फैसले पर सवाल उठाते हुए इस कार्रवाई को प्रभावहीन बताया और इसका मजाक उड़ाया। आलोचना की मुख्य वजह जुर्माने की रकम और निलंबन की अवधि पहले से शुरू होना है।

पुर्तगाल फुटबॉल संघ ने सोमवार को इस सजा को 'पर्याप्त और उचित' बताया। संघ के मुताबिक, रोनाल्डो ने शुक्रवार को औपचारिक बयान देकर आरोपों से जुड़े तथ्यों को पूरी तरह स्वीकार किया था। उनके कबूलनामे और पहले के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए सजा कम की गई। संघ ने यह भी कहा कि परिस्थितियों में राहत देने के बाद लगाया गया जुर्माना उसकी ओर से निर्धारित अधिकतम सीमा के बराबर था।

30 दिन का प्रतिबंध, लेकिन अगला मैच खेलने की उम्मीद

रोनाल्डो पर लगाया गया 30 दिन का निलंबन एक अक्टूबर से प्रभावी माना गया है। इसी दिन पुर्तगाल ने डेनमार्क के खिलाफ मुकाबला खेला था। इस हिसाब से रोनाल्डो निलंबन के 19 दिन पूरे कर चुके हैं। उन्हें 14 नवंबर को डेनमार्क के खिलाफ होने वाले पुर्तगाल के अगले नेशंस लीग मुकाबले के लिए उपलब्ध रहने की उम्मीद है।

रोनाल्डो के पास निलंबन के खिलाफ अपील करने का विकल्प भी है। हालांकि, वह पहले ही अपने व्यवहार के लिए माफी मांग चुके हैं और कह चुके हैं कि उन्हें सजा मिलने की उम्मीद थी। निलंबन की खबर सामने आने के बाद उन्होंने तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी।

कोच से विवाद के बाद छोड़ दिया था टीम का शिविर

हालिया यूईएफए नेशंस लीग मुकाबलों के दौरान रोनाल्डो ने वेल्स के खिलाफ शुरुआती जीत में हिस्सा लिया था। इसके बाद 27 सितंबर को नॉर्वे के खिलाफ जीत के दौरान वह स्थानापन्न खिलाड़ियों में शामिल थे, लेकिन उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला।

रोनाल्डो ने आरोप लगाया था कि पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जीसस ने उन्हें मैदान पर उतारने को लेकर किए गए समझौते का पालन नहीं किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय टीम का शिविर छोड़ दिया। इस घटनाक्रम के बावजूद पुर्तगाल ने रोनाल्डो की अनुपस्थिति में डेनमार्क और फिर नॉर्वे को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।

राष्ट्रीय टीम का शिविर छोड़ने के मामले में रोनाल्डो पर लगाया गया जुर्माना और निलंबन अब चर्चा के केंद्र में है। जुर्माने की रकम को लेकर प्रशंसकों की प्रतिक्रिया और निलंबन की अवधि पहले से लागू माने जाने के कारण पुर्तगाल फुटबॉल संघ के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।