तस्वीर में गणेश मंदिर परिसर में अधिकारी मेले की तैयारियों हेतु बैठक कर रहे हैं।

रणथम्भौर दुर्ग स्थित श्री त्रिनेत्र गणेश जी का तीन दिवसीय श्री त्रिनेत्र गणेश लक्खी मेला 12 से 14 सितम्बर तक आयोजित होगा। मेले का मुख्य आयोजन 14 सितम्बर को होगा। अंतिम तैयारियों को लेकर सोमवार को गणेश मंदिर परिसर में जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट काना राम की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी की उपस्थिति में संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई।

जिला कलक्टर काना राम ने बारिश की संभावना को देखते हुए मेले की सभी व्यवस्थाएं समय पर पुख्ता, सुरक्षित और गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बारिश से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए मुख्य हम्मीर किला परिसर स्थित पार्क में वाटरप्रूफ टेंट लगाने के निर्देश मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियों को दिए गए।

सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर जिला कलक्टर ने रणथम्भौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बेरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा गार्ड तैनात कर खण्डार, बोदल एवं उलियाणा की ओर से आने वाले अवैध रास्तों को पूर्णतः बंद रखने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालु निर्धारित सुरक्षित मार्ग से ही मंदिर पहुंचें। मेला मजिस्ट्रेट, सहायक मेला मजिस्ट्रेट एवं अतिरिक्त मेला मजिस्ट्रेटों के बीच समन्वय के लिए वाई-फाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

जलभराव वाले क्षेत्रों और जलस्रोतों के पास गोताखोर एवं एसडीआरएफ की टीमें तैनात रखने तथा रपट और अन्य संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। मेले के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी एवं वीडियोग्राफी कराई जाएगी। गणेशधाम तिराहे और रणथम्भौर दुर्ग स्थित मंदिर परिसर में 24 घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।

बिजली, पानी, सड़क एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं को लेकर रणथम्भौर दुर्ग, जोगी महल से गणेशधाम तक निर्बाध विद्युत व्यवस्था, साइलेंट जनरेटर, तकनीकी जांच और विद्युत कार्मिकों की टीम तैनात रखने के निर्देश दिए गए। बारिश के दौरान करंट हादसों की रोकथाम के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया। बस स्टैंड और अधिक यात्री आवागमन वाले क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत के साथ गणेशधाम से जोगी महल तक मार्ग को दुरुस्त करने तथा सड़कों पर बारिश के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए गए।

मेले में सफाई कर्मियों को रिफ्लेक्टर जैकेट पहनाने, भण्डारा स्थलों और मंदिर परिसर में पर्याप्त डस्टबिन रखने तथा अस्थाई एवं मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साफ-सफाई के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 9 जोन में बांटकर सफाई कार्मिकों की तैनाती की जाएगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोडवेज की अच्छी कंडीशन वाली अतिरिक्त बसें संचालित करने और ओवरलोडिंग रोकने के निर्देश दिए गए। राज्य सरकार के आदेशानुसार रेलवे स्टेशन से मेला पार्किंग स्थल तक निर्धारित 20 रुपये किराये पर 50 प्रतिशत रियायत के बाद यात्रियों से 10 रुपये किराया लिया जाएगा। इसकी सूचना सभी बसों पर स्पष्ट रूप से चस्पा करने के निर्देश दिए गए।

मेले को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए पॉलिथीन, डिस्पोजल कप-प्लेट, चम्मच, प्लास्टिक के दोने-पत्तल सहित सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। खाद्य सामग्री, मिठाई, भण्डारों में प्रयुक्त सामग्री और फलों की गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य एवं रसद विभाग की टीमें सैंपलिंग एवं निरीक्षण करेंगी।

नगरीय निकाय चुनावों के मध्येनजर मेले के दौरान भण्डारे नगर निकाय सीमा से बाहर हेलीपेड से मेन रोड के मध्य स्थित खाली भूमि पर ही लगाए जाएंगे। इसके लिए पंचायत समिति में अनुमति हेतु आवेदन करना होगा। भण्डारे निःशुल्क होंगे, लेकिन प्रति भण्डारा निर्धारित अमानत राशि जमा करनी होगी, जो निर्धारित शर्तों की पूर्ण पालना पर वापस की जाएगी। प्रत्येक भण्डारे पर चार व्यक्तियों को कचरा प्रबंधन के लिए लगाने, डस्टबिन रखने तथा अमानक कप, गिलास, दोने-पॉलिथीन पर प्रतिबंध एवं कमर्शियल गैस सिलेंडर के उपयोग की शर्तों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

चिकित्सा एवं अग्निशमन व्यवस्था के तहत गणेशधाम एवं दुर्ग में चिकित्सकीय टीमें तीन पारियों में चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी और आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। किले के नीचे एवं गणेशधाम पर एंबुलेंस तथा नगर परिषद की दमकलें तैनात रहेंगी। सामान्य चिकित्सालय में आपात स्थिति के लिए पर्याप्त बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में उप वन संरक्षक मानस सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश राजोरा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मोहित कासनिया, मेला मजिस्ट्रेट गौरव मित्तल, नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया, प्रधान सेवक ट्रस्ट हिमांशु गौतम सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मेले की अंतिम तैयारियों को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, बिजली, पानी, सड़क, स्वच्छता, चिकित्सा, अग्निशमन और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने पर विशेष जोर दिया है।

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