तस्वीर में विद्यालय स्टाफ अधिकारियों को सहयोग राशि का चेक सौंपते हुए दिख रहे हैं।

जिले में शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा संचालित अभिनव पहल “भविष्य की उड़ान” तथा मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना ग्रामीण क्षेत्रों के राजकीय विद्यालयों के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में खंडार ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय निमली खुर्द के भौतिक विकास के लिए विद्यालय स्टाफ ने आगे बढ़कर 60 हजार रुपए की सहयोग राशि प्रदान की है।

विद्यालय स्टाफ द्वारा विद्यालय विकास के लिए उपलब्ध कराई गई सहयोग राशि का चेक मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के अंतर्गत जमा कराने के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य राम सिंह मीणा एवं विद्यालय स्टाफ ने सहयोग राशि का चेक सीडीईओ देवी लाल मीणा एवं एडीपीसी समग्र शिक्षा हरकेश मीणा को सौंपा।

एडीपीसी समग्र शिक्षा हरकेश मीणा ने कहा कि स्थानीय समुदाय और विद्यालय परिवार की सक्रिय भागीदारी से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव संभव हो रहे हैं। जनसहयोग से विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास तेजी से हो रहा है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

कार्यक्रम अधिकारी (नवाचार प्रकोष्ठ) हेमराज मीना के अनुसार, निमली खुर्द विद्यालय से प्राप्त 60 हजार रुपए के जनसहयोग पर 90 हजार रुपए राज्यांश सहित कुल 1 लाख 50 हजार रुपए की राशि प्राप्त होगी। इस राशि से विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर एवं कंप्यूटर प्रिंटर क्रय किए जाएंगे।

इसी क्रम में राउमावि रानीला (बामनवास) के भौतिक विकास के लिए विद्यालय स्टाफ ने 40 हजार रुपए की राशि एकत्रित कर उक्त राशि का चेक मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना में जमा करवाया। इस 40 हजार रुपए के जनसहयोग पर 60 हजार रुपए राज्यांश सहित कुल 1 लाख रुपए की राशि विद्यालय को प्राप्त होगी। इससे विद्यालय में मरम्मत कार्य, इनवर्टर बैटरी सहित अन्य भौतिक विकास कार्य करवाए जाएंगे।

इस दौरान एपीसी समसा योगेश मीणा, विद्यालय स्टाफ से जसराज चौहान, भरोस लाल मीणा, धर्म सिंह गुर्जर तथा आशा मीणा इत्यादि उपस्थित रहे। विद्यालय स्टाफ की इस जनभागीदारी से निमली खुर्द और रानीला के राजकीय विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी और योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध राशि का उपयोग विद्यार्थियों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में किया जाएगा।

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