तस्वीर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग के अधिकारी एक नीले रंग की स्लीपर बस के पास दस्तावेजों की जांच करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि पास में पुलिसकर्मी खड़े हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में सवाई माधोपुर जिले में स्लीपर एवं लग्जरी बसों का औचक निरीक्षण करते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। राजस्थान उच्च न्यायालय एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार 8 अगस्त को की गई इस कार्रवाई के दौरान 13 बसों पर कुल 10 लाख 51 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि अनधिकृत परिवर्तन वाली 10 स्लीपर बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया।

संयुक्त निरीक्षण दल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) समीक्षा गौतम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक पालीवाल, जिला परिवहन अधिकारी अभिजीत सिंह, मोटर वाहन निरीक्षक हनुमान मीना तथा पुलिस विभाग से सहायक उपनिरीक्षक महेश सिंह, भंवर सिंह और पप्पूलाल बैरवा सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

सप्ताहभर चले इस विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान कुल 13 स्लीपर एवं लग्जरी बसों की जांच की गई। निरीक्षण में परमिट, फिटनेस, इमरजेंसी गेट, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, ज्वलनशील गैस सिलेंडर, पेट्रोल एवं डीजल, ओवरलोडिंग तथा बसों की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई सहित विभिन्न मानकों की जांच की गई। जांच के दौरान अनधिकृत परिवर्तन वाली कुल 10 स्लीपर बसों को मौके पर ही सीज किया गया तथा सभी 13 बसों का कुल 10,51,600 रुपये का चालान बनाया गया। कार्रवाई में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 तथा एआईएस-119 मानकों के उल्लंघन पाए गए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने बताया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध आगे भी अभियान लगातार जारी रहेगा। यह संयुक्त कार्रवाई सड़क सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से की गई।

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