तस्वीर में जिला चिकित्सालय के एमसीएच विंग में कागजात और व्यवस्थाओं की जांच करते हुए प्रमुख चिकित्सा अधिकारी और अन्य चिकित्साकर्मी दिखाई दे रहे हैं।

सवाई माधोपुर, 7 अगस्त। जिला चिकित्सालय के एमसीएच विंग में व्यवस्थाओं की स्थिति जानने के लिए प्रमुख चिकित्सा अधिकारी तेजराम मीणा ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लेबर रूम, मदर मिल्क बैंक, पीएनसी वार्ड, पीडियाट्रिक वार्ड, ऑपरेशन थिएटर सहित विभिन्न वार्डों और चिकित्सा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण में सामने आई कमियों और अव्यवस्थाओं को लेकर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने सभी वार्ड प्रभारियों को अपने-अपने वार्ड में विजिटर्स बुक संधारित करने के निर्देश दिए, ताकि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों और आवश्यक टिप्पणियों का नियमित रिकॉर्ड रखा जा सके तथा वार्डों की व्यवस्थाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने एमसीएच विंग में डक्टिंग/सेंट्रल एसी व्यवस्था, विद्युत एवं लाइटिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों और वार्डों के लिए आवश्यक तापमान एवं आरामदायक वातावरण बनाए रखने के लिए एसी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होनी चाहिए। जहां भी तकनीकी कमी हो, उसे तत्काल दूर करवाया जाए। साथ ही अस्पताल के सभी वार्डों एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त और सुचारू लाइट व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे मरीजों, परिजनों एवं स्टाफ को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और रात्रि के समय भी चिकित्सा सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित होती रहें।

बरसात के मौसम को देखते हुए प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल परिसर एवं एमसीएच विंग में जलभराव, छतों से पानी का रिसाव, नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण किसी भी वार्ड, कॉरिडोर अथवा मरीजों के आवागमन वाले स्थान पर पानी जमा नहीं होना चाहिए। जहां भी पानी रिसाव या जलभराव की समस्या सामने आए, उसका तत्काल समाधान करवाया जाए।

उन्होंने विद्युत सुरक्षा को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी और बिजली से संबंधित किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाए तथा विद्युत उपकरणों, वायरिंग और स्विच बोर्ड आदि की आवश्यक जांच कराकर कमियों को तुरंत दुरुस्त करवाया जाए।

लेबर रूम में प्रसव सखी व्यवस्था को लेकर भी प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित स्टाफ को पाबंद करते हुए कहा कि चिकित्सालय में आने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सहायता और उपचार उपलब्ध करवाने में पूरी संवेदनशीलता के साथ सहयोग किया जाए, ताकि किसी भी गर्भवती महिला को उपचार अथवा आवश्यक प्रक्रिया के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी चिन्हित कमियों और अव्यवस्थाओं को आगामी 7 दिवस में अनिवार्य रूप से दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयावधि में व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर, सुरक्षित और समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना चिकित्सालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान संबंधित चिकित्सक एस.एन. अग्रवाल, अंजनी मथुरिया, नर्सिंग अधिकारी गिर्राज सिंघल, हिमांशु शर्मा, अब्दुल मजीद एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

फोटो कैप्शन:- 7 पीआरओ 2 निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश देते प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीना।

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