तस्वीर में सवाई माधोपुर के जिला परिषद सभागार में आयोजित आरयूआईडीपी संवाद बैठक के दौरान अधिकारी और जनप्रतिनिधि चर्चा करते हुए नजर आ रहे हैं।

सवाई माधोपुर में राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पांचवें चरण के तहत प्रस्तावित 28.05 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को लेकर बुधवार को जिला परिषद सभागार में ‘आरयूआईडीपी संवाद’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभागीय अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स को प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी गई तथा उनके सुझाव और फीडबैक प्राप्त किए गए।

अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा ने कहा कि सीवरेज कार्यों से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आरयूआईडीपी, नगर परिषद और संबंधित विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि संवाद में प्राप्त उपयोगी सुझावों को परियोजना के क्रियान्वयन में शामिल किया जाए। उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों (एसटीपी) की नियमित निगरानी, प्रभावी संचालन और विकसित परिसंपत्तियों के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया, ताकि परियोजना का पूरा लाभ आमजन तक पहुंच सके। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना के सभी कार्य गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप इस प्रकार किए जाएं कि निर्माण के दौरान आमजन को न्यूनतम असुविधा हो।

संवाद के दौरान शहरवासियों द्वारा सीवरेज संबंधी समस्याओं की अधिकता का मुद्दा उठाए जाने पर अतिरिक्त जिला कलक्टर ने नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया को सीवरेज समस्याओं के समाधान के लिए एक टीम गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही कंट्रोल रूम के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज कर प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

कार्यक्रम में बताया गया कि आरयूआईडीपी के पांचवें चरण में सवाई माधोपुर शहर में एशियन डेवलपमेंट बैंक के वित्तपोषण से अपशिष्ट जल प्रबंधन और शोधित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से संबंधित लगभग 28.05 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं। इसके तहत वर्तमान में स्थापित सीवरेज लाइनों की मरम्मत की जाएगी तथा सीवरेज लाइन से वंचित कॉलोनियों में लगभग 31 किलोमीटर नई सीवरेज लाइन बिछाई जाएगी। आवश्यकता के अनुसार सूरवाल एसटीपी ट्रीटमेंट प्लांट की 9 एमएलडी क्षमता बढ़ाने का कार्य भी किया जाएगा। इन कार्यों से शहर की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ पर्यावरणीय निरंतरता और बेहतर सेवा गुणवत्ता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता अरविन्द तोमर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं कैप आरयूआईडीपी जयपुर के परियोजना समन्वयक सर्वेश गुप्ता ने आरयूआईडीपी की अब तक की प्रगति और फेज-5 में किए जाने वाले कार्यों को एक वृत्तचित्र के माध्यम से प्रस्तुत किया। इसके बाद आयोजित खुले सत्र में प्रतिभागियों की सीवरेज और प्रस्तावित कार्यों से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा सुझाव प्राप्त किए गए।

बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 2025-26 के अनुरूप आरयूआईडीपी के पांचवें चरण में प्रदेश के 84 शहरों में लगभग 9,500 करोड़ रुपये के शहरी आधारभूत विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें एशियन डेवलपमेंट बैंक वित्तपोषित ‘राजस्थान अरबन लिवेबिलिटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट’ (रूलिप) के 6,009 करोड़ रुपये तथा विश्व बैंक वित्तपोषित ‘सस्टेनेबल अरबन ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ राजस्थान एक्सेलेरेटेड’ (सूत्रा) के 3,492 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।

इस अवसर पर नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया, अधिशाषी अभियंता शिवकेश मीणा, सहायक अभियंता अमरसिंह मीना, कनिष्ठ अभियंता मनोज मीणा सहित जनप्रतिनिधि, पूर्व पार्षद, प्रबुद्धजन, विभिन्न विभागों के अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, महिलाएं और अन्य स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा ने ‘आरयूआईडीपी संवाद’ को संबोधित करते हुए परियोजना के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।

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