सवाई माधोपुर सड़क सुरक्षा: सख्ती के निर्देश, चालान बढ़ाने पर जोर
जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में हुई बैठक, हम्मीर ब्रिज पर जाम से राहत के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाशने के निर्देश
सवाई माधोपुर में जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।
सवाई माधोपुर में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार, 22 अक्टूबर को जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हेलमेट और सीट बेल्ट अभियान तेज करने, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई करने, तकनीक आधारित निगरानी बढ़ाने और दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिला कलक्टर काना राम ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सड़क एजेंसियों को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने, गड्ढे भरने और प्रमुख मार्गों पर व्हाइट मार्किंग करवाने को कहा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को एक्सप्रेस-वे पर किए गए मरम्मत कार्य का निरीक्षण करने तथा प्रमुख मार्गों के किनारे अनधिकृत रूप से लगाए गए ढाबों को हटाने के निर्देश दिए गए।
हम्मीर ब्रिज पर जाम की समस्या के समाधान के लिए यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने और ब्रिज के चारों ओर के गड्ढों को दुरुस्त करवाने की जिम्मेदारी सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता गोविन्द सहाय को सौंपी गई। इसके अलावा कोटा-टोंक की ओर से आने वाले बाहरी वाहनों को शहर में प्रवेश दिए बिना मध्यप्रदेश जाने के लिए कुस्तला रोड से सीधे वैकल्पिक मार्ग तलाशने के निर्देश सार्वजनिक निर्माण विभाग को दिए गए।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर जारी चालानों की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने चालानों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। जिला परिवहन अधिकारी अभिजीत सिंह को ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग, ओवरहाइट और बिना नंबर प्लेट चलने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
पुलिस विभाग को रणथम्भौर रोड पर भारी साउंड सिस्टम का उपयोग करने वाले और तेज गति से चलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। रणथम्भौर रोड तथा जोगी महल से गणेशधाम के बीच मार्ग पर गति सीमा के बोर्ड लगाने और श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को निर्धारित गति सीमा में चलाने के लिए पाबंद करने को कहा गया। वाहनों की गति पर निगरानी रखने के लिए जीपीएस सिस्टम लगवाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही आईरेड ऐप का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले निराश्रित नंदियों और गौवंशों को नजदीकी नंदीशालाओं एवं गौशालाओं में शिफ्ट करवाने के निर्देश नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया को दिए गए। सड़क किनारे जंगल की सफाई कराने, आवारा पशुओं को हटाने और विद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
जिला कलक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के कारणों का विश्लेषण कर संबंधित विभागों के साथ जानकारी साझा करने को कहा। सभी संबंधित विभागों को निर्धारित निर्देशों की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने और अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग हरि सिंह मीना, सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जैमिनी, नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत सड़क मरम्मत, यातायात नियमों की निगरानी, दुर्घटना संभावित स्थलों के सुधार और तकनीक के उपयोग के माध्यम से सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।