तस्वीर में सवाई माधोपुर में आयोजित विधिक जागरूकता रैली के दौरान बैनर पकड़े हुए शिक्षक, अधिवक्ता और विद्यार्थी नजर आ रहे हैं।

सवाई माधोपुर में “सशक्त युवा सशक्त भारत अभियान” के तहत विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, साइबर अपराधों से बचाव और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विधिक जागरूकता रैली एवं शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के तत्वावधान में नालसा जागृति योजना 2025 के तहत गुरुवार को महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, साहूनगर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं को कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के प्रारंभ में विधिक जागरूकता रैली को पैनल अधिवक्ता अभय कुमार गुप्ता एवं असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। रैली में विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश मंगल, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने बाल विवाह की रोकथाम, साइबर अपराधों से बचाव तथा अपने विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

इस दौरान पैनल अधिवक्ता अभय कुमार गुप्ता ने उपस्थित विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, पोक्सो एक्ट 2012 के संबंध में जानकारी प्रदान की।

इसके बाद आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश मंगल ने लीगल लिट्रेसी क्लब के महत्व एवं उसकी कार्यप्रणाली के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि लीगल लिट्रेसी क्लब के माध्यम से विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को उनके अधिकारों एवं कानूनों के प्रति जागरूक करने तथा विधिक जानकारी को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है।

लीगल लिट्रेसी क्लब के प्रभारी इकराम अहमद ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के प्रकारों, उनसे होने वाले नुकसानों तथा बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने साइबर ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों, फर्जी कॉल एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से सावधान रहने के लिए विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की। साथ ही बताया कि आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समितियों के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सलाह एवं सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

अधिकार मित्र मुकेश कुमार शर्मा एवं गिर्राज रैगर ने विद्यार्थियों को बाल विवाह की रोकथाम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों के बारे में बताया और बाल विवाह रोकने में विद्यार्थियों एवं युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा अपने आसपास होने वाले बाल विवाह की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्रा अशरा कागजी ने भी साइबर सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने तथा ऑनलाइन ठगी से बचने के उपायों पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस विधिक जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून संबंधी अधिकारों एवं कर्तव्यों के साथ साइबर अपराधों से सतर्क रहने और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

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