सवाई माधोपुर में आरयूआईडीपी के पांचवें चरण से बदलेंगी शहरी सुविधाएं, 28.05 करोड़ के कार्य प्रस्तावित
सवाई माधोपुर में आरयूआईडीपी के पांचवें चरण में 28.05 करोड़ के विकास कार्य प्रस्तावित, संवाद बैठक में लिए जाएंगे सुझाव और फीडबैक।
सवाई माधोपुर शहर में शहरी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पांचवें चरण के तहत 28.05 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों की योजना तैयार करने के लिए बुधवार, 5 अगस्त को जिला परिषद सभागार में ‘आरयूआईडीपी संवाद’ कंसल्टेशन मीटिंग आयोजित की जाएगी।
इस संवाद कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, पूर्व पार्षद, प्रबुद्धजन, विभिन्न विभागों के अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि और अन्य स्टेकहोल्डर्स शामिल होंगे। बैठक के दौरान प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी साझा की जाएगी तथा प्रतिभागियों से सुझाव और फीडबैक लिए जाएंगे, ताकि परियोजना का क्रियान्वयन स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किया जा सके।
आरयूआईडीपी के पंचम चरण में सवाई माधोपुर शहर के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक के वित्तपोषण से अपशिष्ट जल प्रबंधन और शोधित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से जुड़े कार्य प्रस्तावित हैं। इन कार्यों का उद्देश्य शहर की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ बेहतर सेवा गुणवत्ता और पर्यावरणीय निरंतरता सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार की बजट घोषणा 2025-26 के अनुरूप प्रक्रियाधीन आरयूआईडीपी के पांचवें चरण में प्रदेश के 84 शहरों में लगभग 9,500 करोड़ रुपये के शहरी विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इस चरण में एशियन डेवलपमेंट बैंक वित्तपोषित ‘राजस्थान अरबन लिवेबिलिटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट’ (रूलिप) के 6,009 करोड़ रुपये और विश्व बैंक वित्तपोषित ‘सस्टेनेबल अरबन ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ राजस्थान एक्सेलेरेटेड’ (सूत्रा) के 3,492 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।
परियोजना के तहत अपशिष्ट जल प्रबंधन के साथ आवश्यकता के अनुसार जल निकासी एवं बाढ़ प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी गतिशीलता, विरासत संरक्षण और पर्यटन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके माध्यम से शहरों को अधिक रहने योग्य, पर्यावरण अनुकूल और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में कार्य किए जाएंगे।
सवाई माधोपुर में आयोजित होने वाला ‘आरयूआईडीपी संवाद’ प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर स्थानीय हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम होगा, जिससे परियोजना के कार्यों को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।