चम्बल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध बजरी खनन पर जीरो टॉलरेंस, जिला कलक्टर ने दिए सख्त निगरानी के निर्देश

सवाई माधोपुर में जिला कलक्टर काना राम ने चम्बल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध बजरी खनन पर जीरो टॉलरेंस अपनाते हुए सख्त निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए।

Update: 2026-08-04 13:17 GMT

तस्वीर में जिला कलक्टर काना राम और अन्य अधिकारी राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध खनन की रोकथाम के लिए आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में चर्चा करते हुए दिख रहे हैं।

राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में अवैध बजरी खनन पर प्रभावी रोकथाम और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक मंगलवार को जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों तथा राज्य सरकार के निर्देशों की अनुपालना की समीक्षा करते हुए अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध सख्त और समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिला कलक्टर काना राम ने कहा कि चम्बल घड़ियाल अभयारण्य पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है और यहां अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस, वन, खनिज, परिवहन एवं राजस्व विभाग को चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा किसी भी अवैध गतिविधि का पता चलते ही नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला कलक्टर ने संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, खनिज, वन एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों को सप्ताह में कम से कम एक बार औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रतिमाह संयुक्त निरीक्षण करने के लिए कहा गया। संबंधित उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार तथा वन एवं पुलिस अधिकारियों को प्रत्येक 15 दिवस में संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अवैध खनन के लिए नदी क्षेत्र तक बनाए गए अनधिकृत रास्तों को चिन्हित कर उन्हें अवरुद्ध करने के निर्देश दिए।

अवैध बजरी परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला कलक्टर ने संभावित परिवहन मार्गों एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश पुलिस विभाग को दिए, ताकि संदिग्ध वाहनों की प्रभावी निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने जब्त किए गए वाहनों को सुरक्षित आरक्षित स्थान पर रखने तथा प्रत्येक प्रवर्तन कार्रवाई का फोटोग्राफिक रिकॉर्ड संधारित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में परिवहन विभाग की कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया गया कि 17 अप्रैल से 23 जुलाई, 2026 तक बिना नम्बर, नम्बर प्लेट अथवा बिना एचएसआरपी वाले 277 वाहनों के चालान किए गए तथा 57 वाहनों को सीज किया गया। वहीं पुलिस विभाग ने भी ऐसे 125 प्रकरणों में मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। रोडावद क्षेत्र में संयुक्त निरीक्षण कर अवैध आवागमन के मार्गों को अवरुद्ध किया गया है तथा पेट्रोल पम्प संचालकों को बिना रजिस्ट्रेशन नम्बर प्लेट वाले वाहनों को ईंधन नहीं देने के लिए पाबंद किया गया है।

जिला कलक्टर ने खातेदारी भूमि पर अवैध खनन पाए जाने की स्थिति में भू-राजस्व अधिनियम की धारा 177 के तहत नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य क्षेत्र में उपयुक्त राजस्व भूमि को संरक्षित वन के रूप में अधिसूचित करने के लिए भूमि चिन्हित कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने जिले में एम-सैंड इकाइयों की स्थापना से संबंधित प्राप्त प्रस्तावों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में जिला कलक्टर काना राम ने स्पष्ट किया कि अवैध बजरी खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम सभी संबंधित विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण करने, सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने तथा प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय मीना, उप वन संरक्षक रणथम्भौर बाघ परियोजना मानस सिंह, जिला परिवहन अधिकारी अभिजीत सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल बलजीत मीना, सहायक खनि अभियंता राजेन्द्र भट्ट, प्रवर्तन निरीक्षक जिला रसद कार्यालय सहित जिला स्तरीय टास्क फोर्स के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Tags:    

Similar News