जयपुर में कृषि आयुक्त और राजफैड एमडी की अध्यक्षता में हुई उर्वरक आपूर्ति समीक्षा बैठक।   

राजस्थान में रबी सीजन के दौरान किसानों को यूरिया और डीएपी सहित सभी उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने वितरण व्यवस्था की निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए हैं। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और वितरण व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंगलवार, 13 अक्टूबर को कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल और राजफैड के प्रबंध निदेशक श्री सौरभ स्वामी की संयुक्त अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जयपुर से हुई इस बैठक में प्रदेशभर में उर्वरकों की उपलब्धता, आवंटन, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित अधिकारियों और उर्वरक आपूर्तिकर्ता कंपनियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने निर्देश दिए कि यूरिया और डीएपी का जिलेवार आवंटन संबंधित क्षेत्रों में वास्तविक खपत, फसलों की आवश्यकता और किसानों की मांग के आधार पर किया जाए। इससे किसी भी जिले में उर्वरकों की अनावश्यक कमी या असंतुलित वितरण की स्थिति पैदा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, प्रभावी और किसान हितैषी बनाया जाए, ताकि किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और निकटतम वितरण केंद्रों पर आसानी से खाद उपलब्ध हो सके।

उर्वरकों की बिक्री में अनिवार्य टैगिंग पर सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए गोयल ने स्पष्ट किया कि किसानों को यूरिया और डीएपी के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाए। उर्वरकों की बिक्री में किसी भी प्रकार की अवांछित टैगिंग नहीं होनी चाहिए। किसानों को उनकी मांग और आवश्यकता के अनुसार बिना किसी अतिरिक्त शर्त के उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उर्वरक वितरण केंद्रों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित दरों पर किसानों को खाद उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

कृषि आयुक्त ने किसानों के लिए आवंटित उर्वरकों के दुरुपयोग को रोकने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उर्वरकों का उपयोग कृषि कार्यों में ही सुनिश्चित किया जाए। अवैध भंडारण, गैर-कृषि कार्यों में उर्वरकों के डायवर्जन और कालाबाजारी की रोकथाम के लिए विभागीय अधिकारी विशेष सतर्कता बरतें। आपूर्ति से लेकर अंतिम वितरण तक प्रभावी निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

बैठक में संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए। गोयल ने कहा कि फसलों में आवश्यकता से अधिक यूरिया का इस्तेमाल करने के बजाय मृदा स्वास्थ्य और फसल की पोषक तत्वों संबंधी जरूरतों के अनुसार उर्वरकों का संतुलित उपयोग प्रोत्साहित किया जाए। कृषि विभाग के अधिकारी खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को उर्वरकों की उचित मात्रा, उनके उपयोग की सही विधि और संतुलित पोषण के लाभों की जानकारी दें। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना है।

राजफैड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी ने भी उर्वरकों की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए मांग, उपलब्ध स्टॉक और वितरण की नियमित समीक्षा जरूरी है, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो।

स्वामी ने उर्वरक आपूर्तिकर्ता कंपनियों को निर्धारित आवंटन के अनुसार समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने और जिला स्तर पर संबंधित अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक में कृषि विभाग के खंडीय एवं जिला स्तरीय अधिकारी, सहकारिता विभाग के सभी जिला स्तरीय अधिकारी तथा यूरिया और डीएपी की आपूर्ति करने वाली कंपनियों के राज्य स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत उर्वरकों के आवंटन, आपूर्ति और वितरण पर निगरानी के साथ किसानों को निर्धारित दरों पर उनकी जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराने तथा अनियमितताओं पर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

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