पंचायतीराज चुनाव में मतदान के दिन श्रमिकों को मिलेगी छुट्टी, वेतन नहीं कटेगा; उल्लंघन पर 500 रुपये तक जुर्माना
सवाई माधोपुर में पंचायतीराज चुनाव के मतदान दिवस पर श्रमिकों और कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश देना अनिवार्य होगा। वेतन कटौती पर रोक, नियमों के उल्लंघन पर 500 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान और शिकायत के लिए निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क करने की व्यवस्था की गई है।
राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव के दौरान मतदान के पात्र श्रमिकों और कर्मचारियों को मतदान दिवस पर सवैतनिक अवकाश देना अनिवार्य होगा। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान की ओर से चुनाव की घोषणा के मद्देनजर सवाई माधोपुर जिले के सभी व्यापारिक, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, कारखानों, दुकानों, होटलों और अन्य संस्थानों के नियोजकों एवं प्रबंधकों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अवहेलना करने पर संबंधित नियोजकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है और 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
कार्यालय सहायक श्रम आयुक्त राकेश कुमार मीना ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135(ख) तथा राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 22 के प्रावधानों के अनुसार निर्वाचन में मतदान के पात्र प्रत्येक कर्मचारी एवं श्रमिक को मतदान दिवस पर सवैतनिक अवकाश देना आवश्यक है। यह नियम औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ आकस्मिक श्रमिकों पर भी लागू होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान के दिन कर्मचारियों को अवकाश देने के कारण उनके वेतन या मजदूरी में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा सकेगी। यदि किसी कर्मचारी को सामान्य परिस्थितियों में उस दिन काम करने के कारण मजदूरी मिलती, तो अवकाश दिए जाने की स्थिति में भी उसे नियमानुसार उस दिन की मजदूरी देय होगी।
सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि मतदान दिवस पर कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश देने संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले नियोजकों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। संबंधित कानूनी प्रावधान के तहत 500 रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।
सहायक श्रम आयुक्त, सवाई माधोपुर ने जिले के सभी संबंधित नियोजकों और प्रतिष्ठान संचालकों से निर्वाचन संबंधी निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र कर्मचारियों को मतदान के दिन अवकाश दिया जाए, ताकि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से भाग ले सकें।
यदि कोई नियोजक मतदान दिवस पर किसी कर्मचारी को अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए अवकाश प्रदान नहीं करता है, तो संबंधित रिटर्निंग अधिकारी अथवा जिला निर्वाचन अधिकारी को इसकी तथ्यात्मक जानकारी देकर नियमानुसार कार्रवाई का अनुरोध किया जा सकता है। चुनाव के दौरान सवैतनिक अवकाश संबंधी इन निर्देशों का पालन करना जिले के सभी संबंधित प्रतिष्ठानों के लिए आवश्यक होगा।